बिजली चोरी के खिलाफ चल रहे अभियान पर उठे सवाल, बिना जांच रिपोर्ट दर्ज करने का आरोप | agra news
आगरा में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और प्रशासन की ओर से बिजली चोरी के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है [agra news]। इस अभियान के तहत सर्वाधिक लाइन लॉस वाले फीडरों से जुड़े गांवों में लगातार छापेमारी की जा रही है और रोजाना दर्जनों मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। हालांकि, इस कार्रवाई की पारदर्शिता पर अब सवालिया निशान लगने लगे हैं।
स्थानीय निवासियों और उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली विभाग के कर्मचारी और लाइनमैन बिना किसी वास्तविक चेकिंग के ही मनमाने तरीके से रिपोर्ट दर्ज कर रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने दावा किया है कि उनके घरों में वैध मीटर होने और नियमित बिल भरने के बावजूद उन्हें बिजली चोरी के मामलों में फंसाया गया है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि फाल्ट या बिजली कटौती की शिकायत करने वाले लोगों को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है, जिससे आम जनता में भारी रोष व्याप्त है।
इस तरह की लगातार शिकायतों के बाद एंटी थेप्ट थाने के विवेचकों के सामने भी असमंजस की स्थिति बन गई है। इस पूरे प्रकरण पर डीवीवीएनएल के मुख्य अभियंता कपिल सिंधवानी ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी उपभोक्ता के साथ अन्याय हुआ है या बिना जांच के कार्रवाई की गई है, तो साक्ष्य के आधार पर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस प्रकार की मनमानी कार्रवाइयों से जनता का प्रशासनिक तंत्र से भरोसा उठता है, इसलिए विभाग को पारदर्शिता बनाए रखने की सख्त जरूरत है।
