मंदिर के फर्श के नीचे शव छिपाने वाला कुख्यात महंत कोलकाता से गिरफ्तार | uttar pradesh crime news
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के चांदीनगर थाना क्षेत्र स्थित एक मंदिर में सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी महंत बाबा नरेशनाथ को पुलिस ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से दबोच लिया है। यह मामला इलाके में भारी चर्चा का विषय बना हुआ था, जहां दो दोस्तों की बेरहमी से हत्या कर उनके शवों को मंदिर परिसर के भीतर ही दफना दिया गया था और सबूत मिटाने के लिए ऊपर से टाइल्स लगा दी गई थी (uttar pradesh crime news)।
पुलिस जांच में सामने आया कि गणेश मंदिर के महंत नरेशनाथ के एक युवती के साथ प्रेम संबंध थे, जिसकी जानकारी मृत युवक अंकित को हो गई थी। बदनामी के डर और पैसों के विवाद के चलते महंत ने इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया। अंकित और उसके दोस्त इसरार को पहले नशीला पदार्थ मिलाकर चाय पिलाई गई, जिसके बाद उनकी हत्या कर दी गई। साक्ष्य छिपाने के लिए मंदिर की जमीन खोदकर दोनों शवों को वहीं गाड़ दिया गया था।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी महंत लगातार अपनी पहचान और ठिकाने बदलता रहा। वह पहले हरिद्वार गया, जहां उसने गंगा में डुबकी लगाई और फिर नेपाल भाग गया। नेपाल में आई बाढ़ के बाद वह भारत लौट आया और कोलकाता के विधाननगर इलाके में छिप गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने एक मंदिर के बाहर भिखारी का भेष धारण कर लिया था। हालांकि, बागपत पुलिस की तकनीकी सर्विलांस टीम लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी। पुख्ता सुराग मिलने के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया है। इस प्रकार की आपराधिक घटनाएं समाज में गहरी चिंता पैदा करती हैं और पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी से न्याय की उम्मीद मजबूत होती है।
