एक अक्टूबर से बदल जाएंगे रसोई गैस सिलेंडर बुकिंग के नियम, सब्सिडी के लिए आधार प्रमाणीकरण जरूरी | national news
आगामी 1 अक्टूबर से देश में रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर बुकिंग की प्रक्रिया पूरी तरह बदलने जा रही है। सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम का मुख्य उद्देश्य सब्सिडी का लाभ केवल वास्तविक और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना है, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अधिकांश उपभोक्ताओं ने यह प्रक्रिया पूरी कर ली है, लेकिन शेष बचे लोगों के लिए यह अंतिम अवसर है [national news]।
इस नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (BAA) कराना अनिवार्य होगा। इसके बिना सब्सिडी वाले दरों पर सिलेंडर की बुकिंग नहीं की जा सकेगी। आम जनता की सुविधा के लिए सरकार और तेल कंपनियों ने इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए तीन आसान विकल्प उपलब्ध कराए हैं, ताकि किसी को भी असुविधा का सामना न करना पड़े।
उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार इन तीन तरीकों में से किसी एक को चुन सकते हैं। पहला तरीका यह है कि जब आपके घर सिलेंडर की डिलीवरी हो, तो डिलीवरी मैन के पास ही बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कराया जा सकता है। दूसरा विकल्प यह है कि उपभोक्ता सीधे अपने संबंधित गैस वितरक के शोरूम या एजेंसी पर जाकर इस आवश्यक प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। इसके अलावा, तीसरा और सबसे आधुनिक तरीका मोबाइल एप्लीकेशन का है, जिसके जरिए घर बैठे काम हो सकता है। इंडेन गैस के उपभोक्ता IndianOil ONE ऐप, भारत गैस के उपयोगकर्ता HelloBPCL और एचपी गैस के ग्राहक HP PAY ऐप का उपयोग करके आसानी से अपना बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा कर सकते हैं।
