दिल्ली सहित देश के चार उच्च न्यायालयों में 14 नए जजों की नियुक्ति, सोमवार को लेंगे शपथ | india law news
देश की न्याय व्यवस्था को अधिक सुगम और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने चार प्रमुख उच्च न्यायालयों में कुल 14 नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की है [india law news]। राष्ट्रपति द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के तहत यह नियुक्तियां की गई हैं, जिसमें विभिन्न राज्यों के योग्य न्यायिक अधिकारियों को उच्च न्यायालयों में प्रभार सौंपा गया है। इन सभी नवनियुक्त जजों के सोमवार को शपथ लेकर अपना आधिकारिक कामकाज संभालने की पूरी संभावना है।
सबसे ज्यादा नियुक्तियां दिल्ली उच्च न्यायालय में हुई हैं, जहां सात नए जजों को मंजूरी मिली है। इनमें निवेदिता अनिल शर्मा और निशा सहाय सक्सेना को स्थायी जज बनाया गया है, जबकि संजय शर्मा, भरत पाराशर, डॉ. अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज अतिरिक्त जज के तौर पर अपनी सेवाएं देंगे। इन नए जजों के आने से दिल्ली हाईकोर्ट में जजों की कुल संख्या बढ़कर 51 हो गई है, जिससे लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आने की उम्मीद है। आम जनता के लिए मुकदमों के त्वरित निपटारे के लिहाज से यह एक बड़ा और सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
दिल्ली के अलावा झारखंड, कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय में भी नियुक्तियां की गई हैं। झारखंड हाईकोर्ट में मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा को जज बनाया गया है। वहीं, कर्नाटक हाईकोर्ट में ऊषा रानी, के. एस. भरत कुमार और नेराले वीर भद्रैया भवानी को स्थायी जज की जिम्मेदारी मिली है। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट में यश पॉल बॉर्नी को न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। इन सभी नियुक्तियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ये सभी अधिकारी निचली अदालतों से पदोन्नत होकर सीधे उच्च न्यायालय तक पहुंचे हैं, जिससे न्यायिक प्रक्रिया का जमीनी अनुभव अदालतों के शीर्ष स्तर पर भी उपलब्ध होगा।
