महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा, आगरा की प्रिंटिंग प्रेस से चुराए गए थे प्रश्नपत्र | maharashtra tet paper leak
महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। ठाणे पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने भिवंडी मजिस्ट्रेट कोर्ट में 3,470 पन्नों की एक विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें 18 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इस कार्रवाई से शिक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश हुआ है, जिससे हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लग गया था [maharashtra tet paper leak]।
जांच के दायरे में आगरा की प्रिंटिंग प्रेस
पुलिस की गहन छानबीन के अनुसार, इस बहुचर्चित पेपर लीक के तार महाराष्ट्र से जुड़कर उत्तर प्रदेश के आगरा तक पहुंचे हैं। TET के प्रश्नपत्र आगरा स्थित एक निजी प्रिंटिंग प्रेस में मुद्रित हो रहे थे। छपाई के दौरान खराब होने वाले कागजों को नष्ट करने के लिए एक डिस्पोजल बिन में डाला जाता था। आरोप है कि इसी प्रक्रिया की आड़ में प्रिंटिंग प्रेस के भीतर से ही प्रश्नपत्रों को सुनियोजित तरीके से बाहर निकाला गया।
जूतों के इनसोल में छिपाकर बाहर लाए गए पर्चे
पुलिस चार्जशीट में खुलासा किया गया है कि प्रिंटिंग प्रेस में लंबे समय से कार्यरत एक कर्मचारी और उसके एक अन्य साथी ने मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया। इन दोनों ने सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए प्रश्नपत्रों को जूतों के इनसोल के नीचे छिपाया और आसानी से प्रेस से बाहर ले आए। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान जिस इलाके का इस्तेमाल किया गया, वहां सीसीटीवी कैमरे न होने का फायदा आरोपियों ने उठाया।
मास्टरमाइंड तक ऐसे पहुंचा नेटवर्क
प्रेस से बाहर निकाले गए प्रश्नपत्रों को एक पूर्व कर्मचारी के जरिए आगे बढ़ाया गया, जो अंततः इस रैकेट के मास्टरमाइंड तक पहुंचे। पुलिस ने मुख्य सरगना को बिहार से धर दबोचा और उसके पास से प्रश्नपत्रों के चार मूल सेट भी बरामद किए। इस काले कारोबार में शामिल लोगों के बैंक खातों और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए हुए पैसों के लेन-देन के पुख्ता सबूत भी हाथ लगे हैं।
55 गवाह और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य
एसआईटी ने अपनी इस चार्जशीट में 55 गवाहों के बयानों को शामिल किया है, जिनमें प्रिंटिंग प्रेस के कर्मी, तकनीकी विशेषज्ञ और पुलिसकर्मी शामिल हैं। इसके अलावा डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय लेन-देन के दस्तावेजों को भी मजबूती से रखा गया है। पुलिस परीक्षा से दो दिन पहले ही इस बड़े गिरोह तक पहुंच गई थी, जिससे समय रहते प्रश्नपत्रों को आगे फैलने से रोक लिया गया। अब अदालत में इस पूरे मामले पर सुनवाई होगी, जिससे दोषियों को सजा मिलने का रास्ता साफ होगा [maharashtra tet paper leak].
