वन विभाग के 198 बीघे में पौधरोपण के दावे की पोल खुली, मौके पर मिले सिर्फ 10 बीघे में पेड़ | kanpur dehat news
सरकारी योजनाओं में किस तरह से धांधली की जाती है, इसका एक ताजा मामला कानपुर देहात के भोगनीपुर तहसील क्षेत्र से सामने आया है। यहाँ मूसानगर के चपरघटा और मुसरिया गांव में वन विभाग की 198 बीघा जमीन पर लाखों रुपये की लागत से पौधरोपण कराए जाने का दावा किया गया था, लेकिन धरातल पर तस्वीर बिल्कुल उलट मिली। आम जनता के टैक्स के पैसों का किस तरह दुरुपयोग होता है, यह मामला इसका सटीक उदाहरण है।
क्षेत्र के एक स्थानीय निवासी जय निषाद ने इस बड़े फर्जीड़े की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि विभाग ने महज कागजों पर 198 बीघे में हरियाली बिखेर दी, जबकि असलियत में केवल 10 बीघे जमीन पर ही पौधे रोपित किए गए थे। पहले भी विभाग ने मामले में लीपापोती करते हुए फर्जी रिपोर्ट लगाकर शिकायत को दबाने का प्रयास किया था, लेकिन जब दोबारा शिकायत दर्ज कराई गई तब प्रशासन हरकत में आया [kanpur dehat news].
शिकायत के आधार पर प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) प्रोमिला ने स्वयं मौके पर पहुंचकर गहनता से जांच-पड़ताल शुरू की। इस दौरान जब टीम ने क्षेत्र का मुआयना किया, तो कागजी दावे धड़ाम होते नजर आए। अधिकारियों की इस लापरवाही और भ्रष्टाचार से पर्यावरण संरक्षण के नाम पर सरकारी धन के बंदरबांट की कलई खुल गई है।
जांच अधिकारी ने बताया कि पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच की जा रही है और रिपोर्ट तैयार कर उच्च शासन को भेजी जाएगी। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही दोषियों के खिलाफ आधिकारिक कार्रवाई का दायरा तय होगा। इस तरह के मामलों से सरकारी महकमों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं, जिसका सीधा असर जनता के विश्वास और पर्यावरण विकास योजनाओं पर पड़ता है।
