हर गांठ टीबी नहीं, लिंफोमा का हो सकता है गंभीर खतरा | lucknow news
शरीर में उभरने वाली हर गांठ को सामान्य या टीबी समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। हाल ही में राजधानी में आयोजित एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि लगातार बढ़ती हुई गांठ लिंफोमा यानी लसीका तंत्र के कैंसर का शुरुआती संकेत भी हो सकती है (lucknow news)। इस गंभीर बीमारी के प्रति स्वास्थ्यकर्मियों और आम जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से लोहिया संस्थान के क्लीनिकल हेमेटोलॉजी एवं सामुदायिक चिकित्सा विभाग ने जुग्गौर स्थित ग्रामीण स्वास्थ्य एवं प्रशिक्षण केंद्र में एक विशेष सत्र का आयोजन किया।
चिकित्सकों के अनुसार, गर्दन, बगल या जांघ के ऊपरी हिस्से में बिना किसी स्पष्ट कारण के यदि लगातार गांठ बनी हुई है और उसका आकार बढ़ रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा बिना किसी वजह के तेजी से वजन कम होना, लंबे समय तक बुखार बने रहना और रात के समय अत्यधिक पसीना आना भी शरीर के लिए चेतावनी संकेत हो सकते हैं। समय पर रोग की पहचान होने से मरीजों को उचित चिकित्सा मिल सकती है और जीवन रक्षा की संभावना बढ़ जाती है।
इस प्रकार के स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों से जमीनी स्तर पर काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को शुरुआती लक्षणों को समझने में मदद मिलती है, जिससे ग्रामीण इलाकों के मरीजों को समय पर बड़े चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाया जा सके। कार्यक्रम के दौरान एक ठीक हो चुके मरीज ने भी अपने अनुभव साझा किए।
