मॉस्को प्रकरण में वीडियो हटाने के दबाव का खुलासा, भारतीय दूतावास ने दी सफाई | international news
रूस के मॉस्को में हुए विवादित प्रकरण के बाद प्रभावित परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कानपुर की रहने वाली एडवोकेट स्नेहा गुप्ता ने सोशल मीडिया के जरिए एक वीडियो साझा कर बताया कि उन्हें लगातार अपने बयान और वीडियो हटाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। स्नेहा के पति चंदन गुप्ता पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने नशे की हालत में एंबुलेंस पर पथराव किया था, जिसे परिवार ने सिरे से खारिज किया है [international news]।
इस पूरे घटनाक्रम पर स्पष्टीकरण देते हुए भारतीय दूतावास में तैनात काउंसलर ने साफ किया है कि उनकी ओर से इस मामले में कोई भी आधिकारिक संदेश या विवरण जारी नहीं किया गया है। दूतावास अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने स्थानीय पुलिस से केवल मामले की वस्तुस्थिति जानने के लिए संपर्क किया था, ना कि किसी पक्ष को दोषी ठहराया है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि के अनुसार, चंदन गुप्ता ने उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद रूस में बतौर डीजीएम कार्यभार संभाला था और वे वैध वीजा पर वहां रह रहे थे। मॉस्को पुलिस द्वारा चंदन को रिहा किए जाने के कुछ ही घंटों बाद विदेश मंत्रालय के अधिकारी उनके कानपुर स्थित आवास पर पहुंचे और परिजनों से विस्तृत जानकारी जुटाई। इस उच्चस्तरीय दखल के बाद अब यह देखना अहम होगा कि इस मामले में आगे क्या कूटनीतिक कदम उठाए जाते हैं और परिवार को न्याय कैसे मिलता है।
