सुप्रीम कोर्ट से actor rajpal yapal को चेक बाउंस मामले में बड़ी राहत, जानिये क्या है पूरी खबर
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस से जुड़े एक पुराने मामले में बड़ी राहत दी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि सरेंडर से छूट पाने के लिए उन्हें बुधवार तक सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में पांच करोड़ रुपये जमा कराने होंगे। यह पूरा मामला फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के सिलसिले में फिल्म फाइनेंसर मुर्ली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ हुए वित्तीय विवाद और समझौतों से उपजा है, जो पिछले एक दशक से अधिक समय से कानूनी पचड़ों में फंसा हुआ है।
इस कानूनी लड़ाई की शुरुआत साल 2010 में हुई थी, जब मुर्ली प्रोजेक्ट्स ने फिल्म पूरी करने के लिए पांच करोड़ रुपये का निवेश किया था। बाद में फिल्म की रिलीज में देरी और भुगतानों को लेकर कई समझौते हुए। वर्ष 2012 में चेक बाउंस होने के बाद कंपनी ने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया था। नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत ट्रायल कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट तक अभिनेता की दोषसिद्धि और तीन महीने की सजा को बरकरार रखा गया था। हाई कोर्ट के इसी फैसले को चुनौती देते हुए अभिनेता ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था, जहां मुख्य न्यायाधीश की बेंच ने सुनवाई करते हुए यह सशर्त अंतरिम आदेश पारित किया है।
न्यायिक प्रक्रिया के दौरान इस तरह के वित्तीय मामलों में सार्वजनिक पारदर्शिता और अदालती आदेशों की अनुपालना का मुद्दा गंभीर होता जा रहा है, जिससे फिल्म इंडस्ट्री और निवेशकों के बीच अनुबंधों के प्रति जवाबदेही बढ़ती है। अदालतों की सख्ती यह संदेश देती है कि वित्तीय समझौतों और चेक बाउंस मामलों में कानूनी समझौते समय पर पूरे किए जाने चाहिए।
मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को तय की गई है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर पांच करोड़ रुपये की राशि रजिस्ट्री में जमा कर दी जाती है, तो राजपाल यादव को फिलहाल गिरफ्तारी और सरेंडर से राहत मिलती रहेगी।
