स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में दिल्ली से आगे बेंगलुरु, up politics news के बीच लखनऊ ने मारी बाजी
देश में पर्यावरण सुधार और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में उठाए गए कदमों का आकलन करते हुए केंद्र सरकार ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस नई सूची में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश भर में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। लखनऊ की इस उपलब्धि से राज्य में खुशी का माहौल है और यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत यह सर्वेक्षण कराया जाता है। इसमें केवल हवा की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि सड़कों पर धूल नियंत्रण, ठोस कचरा प्रबंधन, वाहनों और उद्योगों से फैलने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए किए गए प्रयासों को भी मुख्य आधार बनाया जाता है। इस बार के आंकड़ों के अनुसार, दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में लखनऊ ने 200 में से 198 अंक हासिल कर सबको पीछे छोड़ दिया।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ने इस सूची में 172 अंकों के साथ 21वां स्थान हासिल किया है। हैरान करने वाली बात यह है कि प्रदूषण के मामले में अक्सर चर्चा में रहने वाली दिल्ली से बेहतर स्थिति कई अन्य शहरों की रही, जबकि बेंगलुरु को 152.6 अंकों के साथ 32वां और श्रीनगर को 26वां स्थान मिला। इसके अलावा, गाजियाबाद ने 184 अंकों के साथ 9वां स्थान प्राप्त किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उत्तर प्रदेश के शहरों ने प्रदूषण नियंत्रण के मोर्चे पर उल्लेखनीय सुधार किया है।
पर्यावरणविदों का मानना है कि इस तरह की रैंकिंग से स्थानीय प्रशासन पर प्रदूषण कम करने का दबाव बनता है, जिससे सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आने वाले समय में इन कड़े उपायों से शहरी हवा की गुणवत्ता में और अधिक सुधार होने की उम्मीद है, जिससे नागरिकों को सांस लेने के लिए साफ माहौल मिलेगा।
