अंकित शर्मा हत्याकांड: दिल्ली हाई कोर्ट ने ताहिर हुसैन की अपील की मंजूर, india politics news के तहत दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की व्यापक हिंसा के दौरान खुफिया ब्यूरो के कर्मचारी अंकित शर्मा की निर्मम हत्या के मामले में न्यायिक प्रक्रिया तेज हो गई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने पूर्व आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन की उस अपील को स्वीकार कर लिया है, जिसमें उन्हें कड़कड़डूमा अदालत द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा को चुनौती दी गई थी। इस कानूनी कदम से राजधानी के राजनीतिक हलकों में एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं, क्योंकि इस हाई-प्रोफाइल मामले का असर शहर के सामाजिक ताने-बाने और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा पर गहरा प्रभाव डालता है।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति विकास महाजन की पीठ ने मामले की गंभीरता को समझते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है और ताहिर हुसैन की भूमिका का पूरा रिकॉर्ड तलब किया है। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल को मुख्य अपराध के बजाय केवल उकसाने और सहायता के आरोप में दोषी ठहराया गया है, और निचली अदालत में गवाहों के बयानों का मूल्यांकन सही ढंग से नहीं हुआ था। वहीं, राज्य सरकार की ओर से पेश वकीलों ने अदालत से अनुरोध किया कि ताहिर हुसैन सहित अन्य दोषियों की अपीलों को एक साथ सुना जाए, जिससे प्रत्येक आरोपी की भूमिका को स्पष्ट करने और न्यायिक समय की बचत करने में मदद मिल सके।
अदालत ने इस बात पर गहरी संवेदना जताई कि इस हिंसा की चपेट में आकर एक युवा की जान चली गई थी। पीठ ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित अपीलों को 2 दिसंबर को एक साथ सूचीबद्ध किया जाए ताकि मामले के सभी पहलुओं पर समग्रता से विचार किया जा सके। यह पूरा मामला अंकित शर्मा के पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट और बाद में एक नाले से उनके शव के बरामद होने के बाद सामने आया था, जिसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर 51 गंभीर चोटों की पुष्टि हुई थी।
