लखनऊ में जाम से निपटने के लिए 25 रूट मार्शल तैनात, RTC प्रोजेक्ट का खास प्लान
राजधानी लखनऊ की सड़कों पर लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए ‘रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन’ (RTC) परियोजना के तहत एक नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत शहर के 12 प्रमुख मार्गों पर 25 रूट मार्शल तैनात किए गए हैं। ये रूट मार्शल आधुनिक उपकरणों जैसे हैंडसेट, लाउड हीलर, ब्रेथ एनलाइजर और स्पीडोमीटर से लैस होंगे। इनका मुख्य उद्देश्य बढ़ते यातायात दबाव, जलभराव और अचानक लगने वाले जाम से निपटना है।
डीसीपी ट्रैफिक के अनुसार, शहर के प्रमुख मार्गों पर पूर्व में कार्यरत 42 रेसर मोबाइल में से 25 को अपडेट कर सब रूट मार्शल बनाया गया है। प्रत्येक क्षेत्र में एक ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर और एक आरक्षी की तैनाती होगी। ये सब रूट मार्शल रोजाना 70 से 100 किलोमीटर तक जाम वाले रूटों पर गश्त करेंगे। हेल्पलाइन, सोशल मीडिया या कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही ये तुरंत मौके पर पहुंचकर यातायात को सामान्य करेंगे।
हजरतगंज, महानगर, गोमतीनगर, विभूतिखंड, वजीरगंज, कृष्णानगर, कैंट, चौक, पॉलीटेक्निक, कमता, बाराबिरवा चौराहा और कैसरबाग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में यह व्यवस्था लागू की गई है। इस पहल का लक्ष्य भारी वर्षा, वाहन खराब होने या जलभराव जैसी आपातकालीन स्थितियों में भी यातायात प्रवाह को बनाए रखना है।
हाल के दिनों में प्रदर्शनों और सड़क मरम्मत के कारण भी लखनऊ की सड़कों पर जाम की स्थिति देखी गई है। शिक्षक भर्ती मामले में विधानसभा घेराव के प्रयास से चारबाग से हजरतगंज तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसी तरह, भाजपा कार्यालय के घेराव और सरकारी चिकित्सा विद्यालय के डॉक्टरों के विरोध प्रदर्शन के दौरान भी यातायात प्रभावित हुआ। भैंसा कुंड-चिरैयाझील के बीच लक्ष्मण मेला फ्लाईओवर की मरम्मत और कैसरबाग डिपो की बस खराब होने से भी जाम की समस्या बढ़ी। इन सभी परिस्थितियों में, रूट मार्शल की तैनाती यातायात प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
