कानपुर में जलसे का आयोजन, जुबान पर काबू रखने की दी सीख
कानपुर में ‘रहमत-ए-आलम महीने’ के अवसर पर कच्ची सराय मस्जिद, गड़रिया मोहाल में एक जलसे का आयोजन किया गया। इस धार्मिक सभा में मुफ्ती इश्तियाक हुसैन ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की शिक्षाओं को केवल एक महीने तक सीमित न रखकर, पूरे साल अपने जीवन में उतारना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि अपनी जुबान पर नियंत्रण रखना और क्रोध से बचना ही सच्ची कामयाबी का मार्ग है।
मुफ्ती सैयद उस्मान कासिमी ने अपने संबोधन में सादगीपूर्ण जीवन जीने और अनावश्यक फिजूलखर्ची से बचने की सलाह दी। मौलाना अमीर हमजा कासिमी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों को धार्मिक और नैतिक मूल्यों की याद दिलाना था, ताकि वे एक बेहतर इंसान बन सकें।
आम जनता के लिए, इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मकता और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देते हैं, जिससे व्यक्तिगत और सामूहिक जीवन में सुधार आता है। मंच का संचालन मौलाना शकील अहमद ने किया।
