69000 शिक्षक भर्ती: आरक्षण विसंगति पर अभ्यर्थियों ने किया विधानसभा घेराव का प्रयास, SC में 8 को सुनवाई
लखनऊ में 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण विसंगति के विरोध में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने बुधवार को विधानसभा घेराव का प्रयास किया। केकेसी स्थित दीनदयाल उपाध्याय पार्क से विधानसभा की ओर बढ़ रहे अभ्यर्थियों को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद अभ्यर्थी सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। काफी देर तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस ने उन्हें बसों में बैठाकर ईको गार्डन भेज दिया। इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
आरक्षण विसंगति के विरोध में अभ्यर्थियों का यह प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट में 8 सितंबर को होने वाली सुनवाई के मद्देनजर महत्वपूर्ण है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमरेंद्र पटेल ने बताया कि 2018 में शुरू हुई इस भर्ती में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षण नियमों का सही पालन नहीं किया गया, जिससे कई पात्र अभ्यर्थी नियुक्ति से वंचित रह गए।
उन्होंने आगे बताया कि 13 अगस्त 2024 को लखनऊ हाईकोर्ट की डबल बेंच ने भर्ती में आरक्षण नियमों का पालन करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ सामान्य वर्ग के कुछ अभ्यर्थी सुप्रीम कोर्ट चले गए, जहां यह मामला लंबित है। अब 8 सितंबर को इस पर सुनवाई होनी है।
अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में 6800 अभ्यर्थियों की सूची के पक्ष को मजबूती से रखे और नियुक्ति का रास्ता साफ कराए। उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने की भी मांग की। इससे पहले मंगलवार को अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव भी किया था। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल रहे।
इस प्रदर्शन का सीधा असर प्रदेश की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर पड़ सकता है, क्योंकि यह मामला हजारों योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा है और सुप्रीम कोर्ट में इसकी सुनवाई लंबित है।
