आगरा पुलिस का कारनामा: थाने से सीज ट्रक चोरी, 22 दिन बाद बरामद, FIR दर्ज नहीं
आगरा के एकता थाने में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ ओवरलोडिंग के कारण सीज किया गया एक ट्रक थाने से ही चोरी हो गया। यह घटना 5 अगस्त की बताई जा रही है। 22 दिन बाद, लखनऊ एक्सप्रेस वे के टोल प्लाजा फुटेज में ट्रक दिखने के बाद पुलिस ने पीछा कर उसे सिद्धार्थ नगर से बरामद किया।
पुलिस ने ट्रक मालिक और उसके बेटे को भी हिरासत में लिया था, लेकिन पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि थाने से ट्रक चोरी होने और फिर बरामद होने के बावजूद इस मामले में अब तक कोई FIR दर्ज नहीं की गई है। ट्रक मालिक ने आरटीओ कार्यालय में जुर्माना जमा करके ट्रक को रिलीज भी करा लिया है।
यह घटना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक सीज किया गया ट्रक थाने से कैसे गायब हो सकता है और फिर बरामद होने के बाद भी उस पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है, यह जांच का विषय है। इस मामले का सार्वजनिक प्रभाव यह है कि यह आम जनता के विश्वास को ठेस पहुँचाता है और पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
सूत्रों के अनुसार, ट्रक मालिक राजस्थान के अलवर का रहने वाला है और 2 अगस्त को ट्रक लेकर आगरा आया था। यात्री कर अधिकारी ने ओवरलोडिंग पर ट्रक सीज कर 69,500 रुपये का जुर्माना लगाया था, जिसकी चाबी थाने में जमा करा दी गई थी। इसके बाद 5 अगस्त की रात ट्रक थाने से चोरी हो गया। पुलिस ने कई टोल प्लाजा के फुटेज खंगालने के बाद ट्रक का सुराग लगाया और सिद्धार्थ नगर से उसे बरामद किया।
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यदि किसी का दोष पाया जाएगा तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, थाने से सीज ट्रक के चोरी होने और फिर बिना FIR के रिलीज होने की घटना ने अधिकारियों को भी सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।
