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नेपाल-तिब्बत बाढ़: 178 की मौत, 1400 से ज्यादा लापता, भारत में अलर्ट जारी

By Aug 27, 2026

नेपाल और तिब्बत की सीमा पर बुधवार को हुई भीषण बाढ़ और भूस्खलन की घटना ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 178 हो गई है, जिसमें नेपाल में 175 और तिब्बत में 3 लोगों की जान गई है। 1,400 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं, जिससे बचाव और राहत कार्य जारी हैं।

लापता लोगों की तलाश जारी

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बताया कि कुल 826 लोग लापता हैं, जिनमें 300 से अधिक भारतीय नागरिक शामिल हैं। खराब मौसम और टूटे रास्तों के बीच लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है। नेपाली सेना ने रसुवा के टिमुरे से 116 लोगों को सुरक्षित निकाला है, जिनमें 95 नेपाली और 21 भारतीय नागरिक शामिल हैं। तिब्बत में 550 से ज्यादा लोगों का अभी भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

भूस्खलन से आया भूकंप जैसा झटका

बुधवार सुबह 8:37 बजे नेपाल-चीन सीमा के पास तेज झटके महसूस किए गए। शुरुआत में इसे भूकंप समझा गया, लेकिन बाद में पता चला कि पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा बर्फ और चट्टानों के साथ ल्हेंदे खोला नदी में गिर गया था। इस भूस्खलन का असर इतना तीव्र था कि जमीन में 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा झटका महसूस हुआ। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह ग्लेशियर के टूटने से हुआ एक बड़ा भूस्खलन था।

भारत के सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट

इस आपदा का असर भारत के बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में भी दिखने की आशंका है। बिहार की गंडक नदी और उससे जुड़ी नदियों में करीब 3 मीटर ऊंची फ्लड वेव आने का अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर में भी अलर्ट जारी किया गया है।

बांग्लादेशी अभिनेत्री और सद्गुरु की अपील

इस विनाशकारी बाढ़ के बीच बांग्लादेशी अभिनेत्री अपु बिस्वास नेपाल में फँस गई थीं, जिन्हें बाद में सुरक्षित निकाला गया। वहीं, आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने अधिकारियों से तिब्बत के ग्यिरोंग इलाके में जाने की अनुमति मांगी है, ताकि वे लापता लोगों की तलाश में मदद कर सकें और प्रभावित परिवारों से मिल सकें। उनके समूह के 80 लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

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