फर्जी कॉल सेंटर केस: महिला आरोपी को मिली जमानत, जानें क्या है पूरा मामला
विभूति खंड स्थित समिट बिल्डिंग में संचालित हो रहे एक अवैध कॉल सेंटर से जुड़े मामले में आरोपी महिला जोविटा डिसिल्वा को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। इस फर्जी कॉल सेंटर पर अमेरिकी नागरिकों को ठगी का शिकार बनाने का आरोप था।
साइबर क्राइम पुलिस ने पिछले साल 30 जून की रात समिट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल पर छापा मारकर इस कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया था। आरोप है कि यहां से विदेशी नागरिकों, विशेषकर अमेरिकी नागरिकों को डरा-धमकाकर गिफ्ट कार्ड और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से पैसे ऐंठे जाते थे। पुलिस ने उस समय मौके से 119 लोगों को गिरफ्तार किया था और बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए थे।
आरोपी की ओर से अदालत में दलील दी गई कि वह घटना के समय कंपनी में नई थी और ट्रेनिंग पर थी। यह भी बताया गया कि वह एक सिंगल मदर है और उसकी 7 साल की बेटी ऑटिज्म से पीड़ित है, जिसे निरंतर देखभाल की आवश्यकता है।
हालांकि, राज्य सरकार ने जमानत का विरोध करते हुए इसे संगठित साइबर अपराध बताया और आरोपी की संलिप्तता पर जोर दिया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि इलेक्ट्रॉनिक सबूत सुरक्षित हैं और छेड़छाड़ की आशंका नहीं है। आरोपी के युवा महिला होने, बीमार बेटी की स्थिति और पूर्व में कोई आपराधिक रिकॉर्ड न होने के आधार पर अदालत ने कुछ शर्तों के साथ उसे जमानत प्रदान की। इस मामले में साइबर अपराध की गंभीरता को देखते हुए, अदालत का यह फैसला महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाता है कि कानून सबूतों और व्यक्तिगत परिस्थितियों के आधार पर निर्णय लेता है।
बैंक मैनेजर हत्या: सटीक मुखबिरी पर पहुंचा था मानस, 20 से ज्यादा लोगों को किया था फोन
लखनऊ में तेज बारिश से गिरा बिजली पोल, जलभराव से लगा ट्रैफिक जाम
लखनऊ: 29 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे फ्रेगरेंस पार्क का लोकार्पण, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
लखनऊ में 16 लोगों ने किया रक्तदान, इस्लामिक सेंटर में लगा ब्लड डोनेशन कैंप
लखनऊ: दाउद नगर में बिजली कटौती, इन इलाकों में 3 घंटे रहेगी power supply disruption
