उत्तर प्रदेश का नया गेम चेंजर: 700 KM गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस-वे बदलेगा गांवों की किस्मत, जानें एंट्री पॉइंट
पूर्वी उत्तर प्रदेश को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाली 700 किलोमीटर लंबी गोरखपुर-शामली ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना अब आकार लेने लगी है। इस महत्वपूर्ण सड़क मार्ग के निर्माण से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि यह कई जिलों और गांवों की आर्थिक किस्मत भी बदलने की क्षमता रखता है। परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रारंभिक प्रक्रिया, जिसे ‘थ्री-ए’ कहा जाता है, शुरू कर दी गई है।
इस ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का मार्ग गोरखपुर से शुरू होकर बस्ती, अयोध्या, लखनऊ, सीतापुर, लखीमपुर, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, सहारनपुर, मेरठ होते हुए शामली तक जाएगा। यह उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच एक सीधा और तेज कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
परियोजना के तहत, बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और लखीमपुर खीरी जैसे जिलों में भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority for Land Acquisition – CALA) का चयन कर लिया गया है। बरेली, शाहजहांपुर और पीलीभीत में यह जिम्मेदारी अपर जिलाधिकारी (ADM) को सौंपी गई है, जबकि लखीमपुर खीरी में उप जिलाधिकारी (SDM) इस कार्य को देखेंगे।
अगले वित्तीय वर्ष में निर्माण कार्य शुरू होने और तीन साल में इसके पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना का सार्वजनिक प्रभाव बड़े पैमाने पर होगा, क्योंकि यह न केवल स्थानीय निवासियों के लिए यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि माल ढुलाई को भी सुगम बनाकर व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा देगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
