NEET पेपर लीक: जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन जारी, राहुल गांधी ने की इस्तीफे की मांग
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन 32वें दिन भी जारी है। मंगलवार दोपहर तक हजारों की संख्या में आंदोलनकारी मौजूद रहे। कांग्रेस सेवा दल ने प्रदर्शनकारियों को नाश्ता बांटा। सुबह सुरक्षा व्यवस्था के लिए पहुंची पुलिस को देखकर CJP समर्थकों ने नारे लगाए। इससे पहले सोमवार शाम को संसद मार्च के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर खाली कराया था, लेकिन आंदोलनकारी फिर से एकत्र हो गए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NDA संसदीय दल की बैठक में कहा कि पेपर लीक मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ-साथ प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने छात्रों से माफी मांगने की भी बात कही।
छात्रों की मांगें और राजनीतिक प्रतिक्रिया
दिल्ली हाई कोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने की मंजूरी दे दी है। वांगचुक को दिल्ली पुलिस 18 जुलाई को जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। कोर्ट के निर्देशानुसार, मेदांता अस्पताल के निदेशक डॉक्टरों का एक पैनल बनाएंगे जो वांगचुक के इलाज की देखरेख करेगा।
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने की निंदा करते हुए कहा कि इससे सरकार की छवि खराब हो रही है। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि अगर संसद इन गंभीर मुद्दों पर चर्चा के लिए सही मंच नहीं है, तो कौन सा मंच है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रदर्शन में घायल छात्रों से मुलाकात के बाद कहा कि कई छात्रों के खिलाफ झूठी FIR दर्ज की गई हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता केसी वेणुगोपाल ने सरकार के रवैये की निंदा की और सदन में इस मुद्दे को उठाने की बात कही। प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार को युवा विरोधी बताया, जबकि कपिल सिब्बल ने सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए।
पुलिस कार्रवाई
कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ 5 FIR दर्ज की हैं। ये मामले दंगा करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कर्मचारियों पर हमले की धाराओं में दर्ज हुए हैं। पुलिस CCTV फुटेज और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर रही है। इस प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई का सीधा असर राजधानी की कानून व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा पर पड़ा है, जिससे आम जनता के बीच चिंता का माहौल है।
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