बोरवेल से भूजल रिचार्ज खतरनाक, एक्यूफर हो सकते हैं दूषित: विशेषज्ञ | groundwater recharge news
बिना वैज्ञानिक मानकों के बोरवेल या इंजेक्शन वेल के जरिए वर्षा जल को सीधे भूजल स्रोतों (एक्यूफर) में पहुंचाना भविष्य में गंभीर जल संकट और भूजल प्रदूषण का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों ने चेताया कि यदि एक्यूफर दूषित हो गए तो उन्हें दोबारा मूल स्थिति में लाना लगभग असंभव होगा। इसलिए भूजल रिचार्ज की योजनाओं में भूवैज्ञानिक मानकों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।
इस विषय पर आयोजित एक पैनल परिचर्चा में वैज्ञानिकों और जल विशेषज्ञों ने वर्षा जल संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने भूजल संकट से निपटने के लिए एकीकृत एक्यूफर पुनर्स्थापना योजना लागू करने की जरूरत बताई, जिसमें वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, जल पुनर्चक्रण, पुन: उपयोग तथा सतही और भूजल के साझा उपयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, भूजल रिचार्ज की योजना क्षेत्र की भौगोलिक और भूगर्भीय परिस्थितियों तथा वर्षा के पैटर्न को ध्यान में रखकर तैयार की जानी चाहिए। देश के प्रमुख एक्यूफर सिस्टम की भंडारण क्षमता का वैज्ञानिक आकलन कर ही रिचार्ज संरचनाएं बनाई जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि उनमें केवल स्वच्छ वर्षा जल ही पहुंचे। शहरी क्षेत्रों में पेवमेंट स्टॉर्म वाटर हार्वेस्टिंग और ग्रामीण क्षेत्रों में चेक डैम, तालाब तथा ऑन-फार्म हार्वेस्टिंग को अपनाने की सिफारिश की गई। साथ ही, रिचार्ज संरचनाओं के वार्षिक रखरखाव को अनिवार्य बनाने पर भी जोर दिया गया। वैज्ञानिक और टिकाऊ उपाय अपनाकर ही भूजल स्रोतों का दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकता है।
