इंडिगो CEO को DGCA का नोटिस: देरी और रद्दीकरण पर 24 घंटे में जवाब तलब
भारत में विमानन क्षेत्र की समस्याएँ शनिवार को तब और बढ़ गईं जब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया। नियामक ने एयरलाइन द्वारा लगातार की जा रही उड़ानों में देरी, रद्दीकरण और परिचालन संबंधी गंभीर गड़बड़ियों पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
DGCA ने CEO को जवाब देने के लिए 24 घंटे का समय दिया है और चेतावनी दी है कि यदि वे ऐसा करने में विफल रहते हैं तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। नियामक ने कहा कि रोजाना सैकड़ों उड़ानों के रद्द होने से यात्रियों को “गंभीर असुविधा, कठिनाई और कष्ट” का सामना करना पड़ रहा है।
नोटिस के अनुसार, परिचालन में इस बड़े व्यवधान का “प्राथमिक कारण” इंडिगो द्वारा स्वीकृत उड़ान ड्यूटी समय सीमा (FDTL) योजना के सुचारू कार्यान्वयन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं प्रदान करने में विफलता है। नियामक ने यह भी कहा कि बड़े पैमाने पर परिचालन विफलता योजना, निगरानी और संसाधन प्रबंधन में “महत्वपूर्ण खामियों” को दर्शाती है।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि इंडिगो यात्रियों को रद्दीकरण, लंबी देरी और बोर्डिंग से इनकार के दौरान अनिवार्य रूप से प्रदान की जाने वाली जानकारी और सुविधाएं उपलब्ध कराने में विफल रही। नियामक ने सीधे तौर पर CEO को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उन्होंने विश्वसनीय संचालन सुनिश्चित करने और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं को प्रदान करने में “अपने कर्तव्य का पालन नहीं किया” है। यह कदम एविएशन सेक्टर में यात्रियों के अधिकारों और एयरलाइंस की जवाबदेही को लेकर चल रही चिंताओं को उजागर करता है।
