NCR में बिना लाइसेंस अमोनियम नाइट्रेट की खुलेआम बिक्री, लाल किला हमले का सामान धड़ल्ले से बिक रहा
हाल ही में लाल किले के सामने हुए आतंकवादी हमले में अमोनियम नाइट्रेट जैसे खतरनाक रसायन का इस्तेमाल सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है। यह खुलासा हुआ है कि दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में 2,000 से अधिक अवैध दुकानें बिना किसी लाइसेंस या उचित निगरानी के अमोनियम नाइट्रेट और अन्य रसायनों की धड़ल्ले से बिक्री कर रही हैं।
अमोनियम नाइट्रेट, जो आमतौर पर खेती में उर्वरक के रूप में प्रयोग किया जाता है, वहीं इसका इस्तेमाल वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट प्लांट और औद्योगिक इकाइयों में भी होता है। दिल्ली के बाहरी इलाकों में, जहाँ खेती होती है, इसे खुलेआम बेचा जा रहा है। हालाँकि हरियाणा सरकार ने हाल ही में खेती के लिए इसकी बिक्री पर नज़र रखना शुरू किया है, लेकिन दिल्ली में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। इसी तरह, औद्योगिक इकाइयों और अन्य संयंत्रों के लिए बिना सब्सिडी वाली अमोनियम नाइट्रेट की बिक्री पर भी कोई निगरानी नहीं रखी जा रही है।
जानकारों के अनुसार, दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों में ऐसी कई गैर-कानूनी दुकानें चल रही हैं जहाँ बिना लाइसेंस और नियमों के खतरनाक रसायनों की बिक्री हो रही है। अनुमान है कि ऐसी अवैध दुकानों की संख्या 2,000 से अधिक हो सकती है। सामान्य रसायनों की बिक्री के लिए जहां BIS पंजीकरण अनिवार्य है, वहीं खतरनाक रसायनों के लिए पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) से विशेष लाइसेंस की आवश्यकता होती है। यह लाइसेंस रसायनों की बिक्री, भंडारण और परिवहन के लिए भी आवश्यक है।
हाल ही में पंजाब में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद, दिल्ली पुलिस ने खारी बावली के तिलक बाजार में मेथनॉल बेचने वाले एक दुकानदार को गिरफ्तार किया था। लाल किला हमले के बाद, दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने तिलक बाजार के रसायन विक्रेताओं के साथ बैठक की और उन्हें रसायनों की बिक्री का डिजिटल रिकॉर्ड और फोटोग्राफ रखने जैसे अतिरिक्त सावधानियां बरतने के निर्देश दिए। पुरानी दिल्ली का तिलक मार्केट रसायनों की थोक बिक्री का एक प्रमुख केंद्र है। दिल्ली-NCR के अप्सरा बॉर्डर, स्वरूप नगर, होलंबी कलां और साहिबाबाद जैसे इलाकों में भी 800 से अधिक रसायन विक्रेताओं की दुकानें हैं।
PESO ने विस्फोटकों सहित 680 रसायनों को खतरनाक की श्रेणी में रखा है। रसायन डीलरों ने विस्फोटक रसायनों की अलग से सूची बनाने, उनकी विशेष निगरानी और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर इनकी बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। बिना उचित निगरानी के इन खतरनाक रसायनों का खुलेआम बिकना दिल्ली और आसपास के इलाकों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करता है।
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