यूपी के शर्मनाक गांवों के नाम बदलेंगे, सामाजिक समानता की दिशा में बड़ा कदम
उत्तर प्रदेश में अब उन गांवों के नाम बदले जाएंगे जिनके नाम लेने में लोगों को शर्मिंदगी महसूस होती है। अलीगढ़ मंडल के कोल तहसील का गांव रहमतपुर गडमई, चमरौला, खैर तहसील का गांव पखोदाना और छर्रा का गांव गड़राना जैसे कई गांवों के नाम अपमानजनक या असहज माने जाते हैं। इन नामों को बदलने के लिए राजस्व परिषद के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिलों में रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। विशेष रूप से उन गांवों को चिन्हित किया जा रहा है जिनके नाम अनुसूचित जाति की विभिन्न उपजातियों के नाम पर रखे गए हैं।
अलीगढ़ मंडल के अपर आयुक्त प्रथम अखिलेश यादव ने अलीगढ़, हाथरस, एटा और कासगंज के जिलाधिकारियों को इस संबंध में पत्र जारी किया है। आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद के निर्देशानुसार, ऐसे गांवों के नाम बदलने की प्रक्रिया शुरू की गई है। यदि किसी गांव के नाम परिवर्तन की आवश्यकता सही पाई जाती है, तो उसके लिए एक विस्तृत प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
प्रशासनिक स्तर पर तैयार की जा रही रिपोर्ट में गांव के वर्तमान नाम, उसके नामकरण का आधार, स्थानीय स्तर पर प्रचलित नाम और प्रस्तावित वैकल्पिक नामों की जानकारी जुटाई जा रही है। यह कवायद केवल नाम बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे सामाजिक सम्मान और समानता से जोड़कर देखा जा रहा है। कई गांवों के नाम पुराने समय की सामाजिक व्यवस्था या जातिगत पहचान से जुड़े हैं, जो अब अपमानजनक माने जाते हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य सामाजिक समानता को बढ़ावा देना और उन गांवों के निवासियों को सम्मान दिलाना है जिनके नाम उन्हें असहज महसूस कराते हैं। नाम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, यह कदम समाज में सकारात्मक बदलाव लाएगा।
