ऑनलाइन हाजिरी में गड़बड़ी पर शिक्षा विभाग की पैनी नजर, बनेगा ई-शिक्षा कोष सेल
बिहार के शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ऑनलाइन उपस्थिति में लगातार हो रही गड़बड़ियों और शिकायतों के बाद, विभाग ने एक नई निगरानी व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत, जिला स्तर पर ‘ई-शिक्षा कोष सेल’ का गठन किया जाएगा, जो शिक्षकों की उपस्थिति से संबंधित समस्याओं और अन्य शिकायतों के निवारण का केंद्र बनेगा।
आदेश के अनुसार, सभी शिक्षकों को सुबह साढ़े नौ बजे से पहले स्कूल में ‘इन’ (हाजिरी दर्ज) करना होगा और शाम चार बजे के बाद ही ‘आउट’ (स्कूल से प्रस्थान) करना होगा। इस नियम का उल्लंघन करने वाले शिक्षकों के वेतन में कटौती की जाएगी। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षक समय पर स्कूल आएं और निर्धारित समय तक अपनी सेवाएं दें।
इस नई व्यवस्था की प्रभावी निगरानी के लिए, राज्य भर में 112 तकनीशियनों की बहाली की जा रही है। ये तकनीशियन जिलों में तैनात किए जाएंगे और ऑनलाइन हाजिरी प्रणाली की तकनीकी निगरानी के साथ-साथ अन्य व्यवस्थाओं को भी देखेंगे। ई-शिक्षा कोष सेल में अभिभावक, आम नागरिक और शिक्षक स्वयं भी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। इन शिकायतों में शिक्षकों के वेतन, बच्चों के मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, स्कूलों के संचालन और अन्य संबंधित मुद्दे शामिल हो सकते हैं।
जिला शिक्षा पदाधिकारी इन शिकायतों की सुनवाई करेंगे और उनके त्वरित समाधान का प्रयास करेंगे। विभाग का मानना है कि इस सेंट्रलाइज्ड व्यवस्था से शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और शिक्षकों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी। यह कदम प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाने और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
बिहार से सिलीगुड़ी और थावे के लिए नई बस सेवा शुरू, यात्रा होगी सुगम
मुख्यमंत्री के आप्त सचिव बने दो बीएएस अधिकारी, तीन आईएएस को मिला प्रमोशन
बिहार की हवा जहरीली: पटना सहित 16 शहर प्रदूषित, हाजीपुर सबसे खराब
पटना से चोरी, वैशाली में बिक्री: वाहन चोर गिरोह के सरगना सहित छह गिरफ्तार
बिहार में शिक्षकों के लिए प्रखंड और विद्यालय आवंटन प्रक्रिया शुरू, गाइडलाइन जारी
मुकेश सहनी का पीएम मोदी और भाजपा पर तीखा हमला, पूछा- ऐसे लोगों को देश में रखने की जरूरत है क्या?
बिहार में बिजली व्यवस्था होगी दुरुस्त, 150 से अधिक नए पावर सब-स्टेशन बनेंगे
देवेंद्र फडणवीस की प्रशांत किशोर को राजनीति की नसीहत: नंबरों का खेल है, आइडियोलॉजी नहीं
