निजामुद्दीन पार्क में युवक की निर्मम हत्या, दोस्त पर शक, पुलिस की हिरासत में संदिग्ध
दक्षिणी दिल्ली के निजामुद्दीन थाना क्षेत्र में दरगाह में काम करने वाले 27 वर्षीय शहजाद की धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी गई। बुधवार को उसका शव अमीर खुसरो पार्क की झाड़ियों में खून से लथपथ हालत में मिला। पुलिस को दोपहर करीब 1:47 बजे एक पीसीआर कॉल के माध्यम से घटना की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
मृतक की पहचान अलवी चौक, निजामुद्दीन निवासी शहजाद के रूप में हुई है, जो दरगाह परिसर के एक कार्यालय में काम करता था। उसके शरीर पर, विशेषकर सिर, पैर और धड़ के बीच के हिस्सों में, धारदार हथियार से वार के कई निशान मिले हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। मौके पर क्राइम और एफएसएल की टीम को बुलाकर विस्तृत जांच कराई गई और आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए।
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और मामले की तह तक जाने के लिए एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है, जिससे पूछताछ जारी है। शुरुआती जांच में इस वारदात के पीछे आपसी रंजिश की आशंका जताई जा रही है। पुलिस उस हथियार की भी तलाश कर रही है जिसका इस्तेमाल हत्या में किया गया है।
इस बीच, मृतक शहजाद की मां जुलेखा खातून ने एक गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे शहजाद को उनका एक जानकार घर से अपने साथ ले गया था। देर रात तक जब शहजाद घर नहीं लौटा तो उन्होंने उसे ढूंढना शुरू किया। अगले दिन जब वह उस जानकार से मिलीं और बेटे के बारे में पूछा तो उसने अनभिज्ञता जताई। इसके कुछ समय बाद ही उन्हें अपने बेटे के शव मिलने की सूचना मिली।
दक्षिणी पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त हेमंत तिवारी ने स्पष्ट किया कि प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा शव के अंग काटे जाने के दावों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने बताया कि शव पर जख्म के निशान जरूर हैं, लेकिन शव पूरी तरह से एक ही अवस्था में मिला है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है।
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