मुरादाबाद: शराब कारोबारी के परिवार पर 1.91 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट
मुरादाबाद में शराब कारोबारी हरभजन सिंह चड्ढा के बेटे गुरजीत सिंह चड्ढा, पत्नी जसप्रीत गौर, पौत्र हरवीर सिंह और पौत्र की पत्नी तमन्ना समेत चार आरोपितों के खिलाफ कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इन सभी पर कूटरचित दस्तावेजों के जरिये 1.91 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप है। इससे पहले भी इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो चुके हैं।
यह मामला तब शुरू हुआ जब कटघर के गोपाल मिश्रा ने 3 जुलाई को एसएसपी के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कराई। मिश्रा के अनुसार, 13 जुलाई 2010 को हरभजन सिंह चड्ढा और उनके पौत्र हरवीर सिंह चड्ढा के बीच एक पार्टनरशिप डीड हुई थी, जिसके तहत मेसर्स चड्ढा डवलपर्स नाम की कंपनी बनाई गई थी। हरभजन सिंह और हरवीर सिंह 37.5-37.5 प्रतिशत के हिस्सेदार थे, जबकि गोपाल मिश्रा 25 प्रतिशत के हिस्सेदार थे। पार्टनरशिप डीड में यह प्रावधान था कि किसी पार्टनर की मौत होने पर डीड कैंसिल हो जाएगी।
हरभजन सिंह चड्ढा की 22 दिसंबर 2020 को मृत्यु हो गई। इसके बाद हरवीर सिंह ने फर्जीवाड़ा कर पुराने नाम से ही एक नई फर्म बनाई। इस नई फर्म में गुरजीत सिंह चड्ढा, जसप्रीत गौर, हरवीर सिंह और तमन्ना पार्टनर थे। आरोप है कि उन्होंने असल फर्म मेसर्स चड्ढा डवलपर्स के खाते में रखे करीब 1.91 करोड़ रुपये फर्जी तरीके से नई फर्म में ट्रांसफर कर लिए। इसके अलावा, हरवीर सिंह चड्ढा ने पुरानी फर्म में रजिस्टर्ड संपत्ति में गोपाल मिश्रा के 25 प्रतिशत हिस्से का कुछ अंश फर्जीवाड़ा कर पत्नी तमन्ना के नाम बैनामा कर दिया।
पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद विवेचना करके चार्जशीट दाखिल कर दी थी। करीब दो माह पहले कोर्ट ने चारों आरोपितों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए थे, लेकिन आरोपित कोर्ट में पेश नहीं हुए। इसके बाद एक बार फिर वारंट जारी हुए, लेकिन आरोपितों की गैर-हाजिरी बनी रही। ऐसे में अब 12 दिसंबर को कोर्ट ने आरोपितों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। इंस्पेक्टर मनीष सक्सेना ने बताया कि आरोपितों की तलाश की जा रही है।
