मलयालम सिनेमा के दिग्गज Sreenivasan death, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता, पटकथा लेखक और निर्देशक श्रीनिवासन का 69 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। केरल के कंदनद में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां उनके परिवार के सदस्य, राजनीतिक नेता और फिल्म जगत की हस्तियां मौजूद थीं। उनके निधन को मलयालम सिनेमा के एक युग का अंत माना जा रहा है।
श्रीनिवासन पिछले कुछ वर्षों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे और शनिवार को नियमित डायलिसिस के लिए ले जाते समय उनका निधन हो गया। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए टाउन हॉल में रखा गया था, जहां हजारों प्रशंसकों और अनुयायियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
रविवार सुबह कई हस्तियां उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचीं, जिनमें सीपीआई (एम) के राज्य सचिव एमवी गोविंदन, विपक्ष के नेता वीडी सतीसन, तमिल अभिनेता सूर्या और मलयालम अभिनेता-निर्देशक रेंजी पणिक्कर शामिल थे। श्रीनिवासन के परिवार में उनकी पत्नी विमला और बेटे विनीत श्रीनिवासन (फिल्म निर्माता-गायक) और ध्यान श्रीनिवासन (अभिनेता) हैं।
1977 में पीए बैकर की ‘मणिमुझक्कम’ से अपने करियर की शुरुआत करने वाले श्रीनिवासन ने 54 पटकथाएं लिखीं। उन्होंने सत्यन अंतिकाड और प्रियदर्शन के साथ मिलकर 32 फिल्मों में काम किया, जिनमें ‘नादोडिक्कट्टु’, ‘संदेशम’, ‘चित्रम’ और ‘वडक्कुनोक्कियंत्रम’ जैसी क्लासिक फिल्में शामिल हैं। उन्होंने 225 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया और कई फिल्मों का निर्देशन भी किया।
श्रीनिवासन की आखिरी फिल्म ‘उरियडी’ थी, जो 2020 में रिलीज हुई थी। मलयालम सिनेमा में उनकी विरासत अमूल्य है, और उनकी कहानियों ने कई पीढ़ियों के फिल्म निर्माताओं को प्रेरित किया है।
