मेरठ में बंदरों का आतंक: छत से गिरी युवती, रोडवेज बसों में भी मचा रहे उत्पात
मेरठ शहर में बंदरों का आतंक लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। परतापुर की ब्रजविहार कॉलोनी में मंगलवार दोपहर छत पर कपड़े सुखाने गई एक 21 वर्षीय युवती बंदरों के हमले से बचने के प्रयास में नीचे गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। युवती को सुभारती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
यह घटना शहर में बंदरों के बढ़ते उत्पात का एक और उदाहरण है। भैसाली बस स्टैंड पर भी सुबह के समय बंदरों का आतंक देखा गया। बंदर बसों के अंदर घुसकर यात्रियों को परेशान कर रहे थे और उनके बैग खींच रहे थे। यात्रियों और रोडवेज स्टाफ में दहशत का माहौल था, लेकिन बंदरों से बचाने वाला कोई नहीं था।
शहर के साकेत, मानसरोवर, इंदिरा नगर, श्रद्धापुरी, कंकरखेड़ा, शास्त्रीनगर समेत अधिकांश इलाकों में बंदरों का आतंक इस हद तक बढ़ गया है कि लोग लंगूर किराये पर रखने को मजबूर हैं। बंदरों के लगातार हमले और उत्पात से लोग छतों से गिरकर चोटिल हो रहे हैं, जिससे असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
इस गंभीर समस्या पर नगर निगम और वन विभाग के बीच जिम्मेदारी को लेकर खींचतान चल रही है। वन विभाग का कहना है कि बंदर अब वन्यजीव प्राणी श्रेणी में नहीं आते, इसलिए उन्हें पकड़ने की जिम्मेदारी उनकी नहीं है। वहीं, नगर निगम का कहना है कि वे बंदरों को पकड़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन वन विभाग को उन्हें सुरक्षित छोड़ने के लिए कोई स्थान बताना होगा। नगर आयुक्त ने इस संबंध में वन विभाग को पत्र भेजा है और आवश्यकता पड़ने पर उच्चाधिकारियों से मदद लेने की बात कही है।
परतापुर की ब्रजविहार कॉलोनी निवासी युवती के पिता सुभाष दर्जी ने बताया कि उनकी बेटी कीर्ति छत पर कपड़े सुखाने गई थी, तभी बंदरों ने हमला कर दिया। बचने के प्रयास में वह नीचे गिर गई। इस घटना ने कॉलोनीवासियों को सहमा दिया है। लोगों ने नगर निगम से बंदरों को पकड़कर शहर से बाहर करने की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
