मधुबनी: मौसम बदलने से बढ़ी बीमारियां, सर्दी-खांसी-बुखार की चपेट में लोग, रहें सावधान!
मधुबनी में मौसम के करवट लेते ही ठंड का असर बढ़ने लगा है, जिसके साथ ही मौसमी बीमारियों ने भी पांव पसार लिए हैं। सुबह और रात के समय बढ़ी ठंडक का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है, जिससे मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। जिले के सदर अस्पताल में इन दिनों सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित मरीजों की भारी भीड़ देखी जा रही है।
अस्पताल के आपातकालीन विभाग में प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि ओपीडी में यह संख्या 300 से 400 तक पहुंच गई है। रविवार को भी सुबह से शाम तक 50 से अधिक मरीज इमरजेंसी में पहुंचे, जिनमें अधिकांश मौसमी बीमारियों से ग्रसित थे। इस स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
चिकित्सकों के अनुसार, ठंड बढ़ने के साथ ही सर्दी, खांसी, बुखार, स्ट्रोक, निमोनिया, हार्ट अटैक और सीओपीडी जैसी बीमारियों के मरीजों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त, चर्म रोग, आंखों की समस्या, एलर्जी, डायबिटीज और रक्तचाप (बीपी) के मरीजों को भी इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर बच्चे और 50 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं।
एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि अधिक उम्र के लोगों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीजों को ठंड के मौसम में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। उन्होंने लोगों से ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, पौष्टिक आहार लेने और नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की है। बदलते मौसम के कारण सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी क्लीनिकों में भी मरीजों की भीड़ देखी जा रही है।
ठंड में सर्दी होना एक सामान्य बात है, लेकिन यदि इससे बचाव के उपाय न किए जाएं तो यह खांसी, जुकाम और गले में खराश का कारण बन सकती है। इससे बचने के लिए ठंडी चीजों को खाने-पीने से परहेज करें और अपने शरीर को ठीक से ढक कर रखें। गले की खराश में नमक के गर्म पानी से गरारे करना फायदेमंद साबित हो सकता है। ठंड के कारण सिरदर्द होना भी आम है, लेकिन इससे बचने के लिए सुबह की ठंडी हवाओं से बचना जरूरी है। नियमित व्यायाम करने से रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है और शरीर में गर्मी बनी रहती है।
नवजात शिशुओं को अधिक से अधिक स्तनपान कराना चाहिए और बच्चों को पानी उबालकर या फिल्टर करके पिलाना चाहिए। छोटे बच्चों के गीले कपड़े समय-समय पर बदलते रहें। बच्चों और बुजुर्गों को ठंडे पेय पदार्थों का सेवन नहीं कराना चाहिए। डॉक्टरों ने जोर देकर कहा कि ठंड के दौरान मौसमी बीमारियों से बचने के लिए शरीर को हमेशा गर्म कपड़ों से ढका रखें और नियमित रूप से पौष्टिक आहार लें। खासकर बच्चे और बुजुर्ग सुबह व शाम के समय घर से बाहर निकलने से बचें। उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) और डायबिटीज के मरीजों को समय पर दवा लेने के साथ-साथ अपने खानपान पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।
