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माघ मेला 2026: संगम तट पर 44 दिवसीय आध्यात्मिक यात्रा, जानें शाही स्नान की तिथियां

By Dec 3, 2025

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा, यमुना और सरस्वती के पावन संगम पर हर वर्ष आयोजित होने वाला माघ मेला 2026 इस बार 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा के साथ शुरू होगा और 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर समाप्त होगा। यह 44 दिनों का एक अत्यंत महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और धार्मिक आयोजन है, जिसे साधक और श्रद्धालु अपने पापों से मुक्ति और मोक्ष प्राप्ति के लिए एक सुनहरा अवसर मानते हैं।

मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान अमृत की कुछ बूंदें प्रयागराज के संगम पर गिरी थीं, जिसके कारण इस स्थान का महत्व और भी बढ़ जाता है। प्रत्येक 12 वर्ष में लगने वाले कुंभ मेले के इतर, माघ मेला प्रतिवर्ष संगम तट पर आयोजित होता है, जहाँ लाखों की संख्या में भक्त और साधु-संत पवित्र डुबकी लगाने के लिए एकत्र होते हैं। संगम स्नान को सभी पापों का नाश करने वाला और पुण्य प्रदान करने वाला माना जाता है।

माघ मेले का एक अभिन्न अंग ‘कल्पवास’ है। इस दौरान कल्पवासी पूरे एक महीने तक संगम के तट पर सामान्य झोपड़ियों या टेंटों में रहकर सांसारिक मोह-माया से दूर एक अनुशासित और आध्यात्मिक जीवन व्यतीत करते हैं। उनकी दिनचर्या में नित्य गंगा स्नान, मंत्र जाप, भजन-कीर्तन, प्रवचन श्रवण और साधना शामिल होती है। यह कल्पवास आत्मशुद्धि और ईश्वर की ओर उन्मुख होने का एक अनूठा माध्यम है।

माघ मेले के दौरान स्नान की कुछ प्रमुख तिथियाँ विशेष महत्वपूर्ण होती हैं, जो भक्तों के लिए विशेष फलदायी मानी जाती हैं। इस वर्ष के मेले का समापन महाशिवरात्रि पर होगा, जो स्वयं में एक अत्यंत पावन पर्व है। यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं के संगम का भी गवाह बनता है, जहाँ देश-विदेश से लोग आध्यात्मिक शांति की तलाश में आते हैं।

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