ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा ने दर्ज की ऐतिहासिक जीत | international news
ब्राजील की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वामपंथी नेता लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा ने राष्ट्रपति चुनाव में शानदार जीत हासिल करते हुए चौथी बार देश की कमान अपने हाथ में ले ली है। उन्होंने रोमांचक मुकाबले के दूसरे चरण में दक्षिणपंथी सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो को चुनावी मैदान में मात दी। देश के चुनावी न्यायालय द्वारा शत-प्रतिशत मतों की गिनती पूरी होने के बाद उनके परिणामों पर मुहर लगाई गई।
अस्सी वर्षीय लूला डा सिल्वा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी पर करीब 44 लाख वोटों की निर्णायक बढ़त बनाई, जिसे पाटना नामुमकिन साबित हुआ। इस चुनावी परिणाम के बाद लैटिन अमेरिका के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। वैश्विक राजनीति विश्लेषकों का मानना है कि मैक्सिको और ब्राजील जैसे इस क्षेत्र के दो सबसे बड़े देशों में वाम-मध्य विचारधारा के नेताओं के आने से अंतरराष्ट्रीय नीतियों पर गहरा असर पड़ेगा।
विशेष रूप से, ब्राजील जैसी 2.6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की विशाल अर्थव्यवस्था वाले देश का स्वतंत्र रुख अपनाना अमेरिकी प्रशासन के लिए भी एक बड़ा संकेत है। अमेरिका की ओर से संभावित ऊंचे टैरिफ के दबाव के बीच लूला का नेतृत्व देश के आर्थिक हितों को प्राथमिकता देने में सक्षम होगा। हालांकि, पराजित खेमे की ओर से कानूनी कदम उठाए जाने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं, लेकिन फिलहाल राजनीतिक स्थिरता और विकास पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
