Lucknow School Vans: 268 वाहनों के दस्तावेज अधूरे, बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
राजधानी लखनऊ में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग की सख्ती के बावजूद स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। जुलाई में चलाए गए विशेष अभियान के तहत 493 स्कूली वाहनों के फिटनेस और जरूरी दस्तावेज पूरे कराने का लक्ष्य था, लेकिन अब तक केवल 225 वाहन ही इस प्रक्रिया को पूरा कर पाए हैं। इसका मतलब है कि 268 स्कूली वाहन आज भी बिना फिटनेस, बीमा और प्रदूषण प्रमाणपत्र के सड़कों पर चल रहे हैं, जो बच्चों की जान से खिलवाड़ है।
प्रतिष्ठित स्कूलों के वाहन भी शामिल
आरटीओ की सूची में शहर के कई प्रतिष्ठित स्कूलों और निजी स्कूल वाहनों के नाम भी शामिल हैं। इन सभी वाहन स्वामियों को फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र और परमिट दुरुस्त कराने के लिए नोटिस भेजे गए थे, लेकिन अधिकांश ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। केवल 64 स्कूलों ने ही शपथ पत्र देकर जल्द दस्तावेज पूरे करने का वादा किया है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि यदि इन अनफिट वाहनों से कोई हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
आरटीओ की आगे की कार्रवाई
आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय ने बताया कि जिन 268 वाहनों के कागजात जमा नहीं हुए हैं, उन्हें दोबारा नोटिस भेजकर उनकी वर्तमान स्थिति पूछी जा रही है। यदि ये वाहन अब स्कूली सेवा में नहीं हैं, तो इनका इस्तेमाल कहां हो रहा है या क्या ये कंडम हो चुके हैं, इसकी भी जानकारी मांगी जा रही है। जरूरत पड़ने पर इन वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर इन्हें बंद भी कराया जाएगा।
अभिभावकों से अपील
एआरटीओ प्रशासन प्रदीप कुमार सिंह और प्रभात पांडेय ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि वाहन का फिटनेस, बीमा और प्रदूषण प्रमाण पत्र सही है या नहीं। साथ ही, वाहन चालक के बारे में भी पूरी जानकारी अवश्य लें। यह कदम बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
