Lucknow News: नकली दवा के धंधे का भंडाफोड़, 2157 बोतलें बरामद, एक गिरफ्तार
लखनऊ में लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले नकली दवा कारोबार का पर्दाफाश हुआ है। बक्शी का तालाब (बीकेटी) पुलिस और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम ने किसान पथ से ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर तैयार की गई 2157 बोतल संदिग्ध और नकली दवाएं बरामद की हैं। इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अन्य आरोपी फरार हो गए हैं, जिनकी तलाश पुलिस कर रही है। यह घटना राजधानी में नकली दवाओं के बढ़ते खतरे को उजागर करती है, जिससे आम जनता के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से प्रदेशभर में नकली और अधोमानक दवाओं के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, 16 जुलाई को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर बीकेटी पुलिस ने किसान पथ स्थित मामपुर खड़ंजा मार्ग पर एक ओमनी वैन को रोककर तलाशी ली। वैन से बड़ी मात्रा में दवाएं बरामद हुईं, लेकिन चालक कोई वैध औषधि लाइसेंस या बिल-वाउचर प्रस्तुत नहीं कर सका।
मौके पर पहुंचे ड्रग इंस्पेक्टरों ने दवाओं की जांच की। टीम ने रुबीरेड 200 एमएल की 246 बोतल, अल्कासोल शुगर फ्री 100 एमएल की 1063 बोतल और म्यूकेन जेल 200 एमएल की 848 बोतल जब्त कीं, जिनकी कुल संख्या 2157 है। जांच के दौरान अल्कासोल शुगर फ्री की बोतलों के लेबल, कैप और प्रिंटिंग में गंभीर खामियां पाई गईं, जो कंपनी के असली कंट्रोल सैंपल से अलग थीं। इसी तरह म्यूकेन जेल के लेबल में भी कई त्रुटियां मिलीं। इन खामियों के आधार पर दवाओं को नकली करार दिया गया।
पुलिस ने माल क्षेत्र के पकरा गांव निवासी भूपेंद्र सिंह (33) को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में भूपेंद्र ने बताया कि जब्त की गई दवाएं राज विक्रम सिंह और विनीत सिंह की हैं, और वह उन्हीं के कहने पर इन दवाओं को अमीनाबाद पहुंचाने जा रहा था। पुलिस ने भूपेंद्र के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
जांच टीम ने दवाओं के चार नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे हैं। बरामद दवाओं की अनुमानित कीमत करीब 4.37 लाख रुपये है। लैब रिपोर्ट आने के बाद औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
