Lucknow News: सुशील तिवारी पम्मी बने नगर निगम कार्यकारिणी के नए उपाध्यक्ष, भाजपा में सियासी खींचतान
लखनऊ नगर निगम में कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष पद के चुनाव ने भाजपा के भीतर नई सियासी खींचतान को जन्म दे दिया है। शिवरी स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट में हुई बैठक में महापौर सुषमा खर्कवाल ने सुशील तिवारी ‘पम्मी’ को उपाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदस्यों ने स्वीकार कर लिया। इस चुनाव से स्थानीय राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है।
भाजपा के नगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण चुनाव को लेकर संगठन से कोई सलाह-मशविरा नहीं किया गया और न ही उन्हें बैठक की सूचना दी गई। द्विवेदी के अनुसार, अब तक उपाध्यक्ष का चयन संगठन की सहमति से होता आया है, लेकिन इस बार महापौर ने व्यक्तिगत स्तर पर निर्णय लेकर पार्टी की स्थापित परंपराओं की अनदेखी की है। उन्होंने इसे पार्टी की नीतियों के विरुद्ध बताते हुए वरिष्ठ पदाधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है।
दूसरी ओर, महापौर सुषमा खर्कवाल ने सुशील तिवारी ‘पम्मी’ के नाम का प्रस्ताव रखा, जिस पर कार्यकारिणी सदस्यों ने सहमति जताते हुए उन्हें उपाध्यक्ष निर्वाचित कर दिया। औपचारिक घोषणा के बाद सदस्यों और अधिकारियों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया।
यह चुनाव, जो सामान्यतः एक औपचारिक प्रक्रिया मानी जाती है, संगठन और महापौर के बीच समन्वय की कमी को उजागर करने के कारण राजनीतिक रंग ले चुका है। संगठन की खुली नाराजगी ने नगर निगम की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। पार्टी नेतृत्व अब इस विवाद को कैसे सुलझाता है और संगठन की शिकायत पर क्या रुख अपनाता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। उपाध्यक्ष का पद नगर निगम में अहम होता है, और इस चुनाव के बाद उत्पन्न हुआ विवाद स्थानीय प्रशासन और भविष्य की कार्यशैली को प्रभावित कर सकता है।
