लखनऊ: KGMU के डॉक्टरों ने लावारिस मरीज को परिवार से मिलाया, 8 साल बाद हुई पुनर्मिलन
लखनऊ केजीएमयू के न्यूरो सर्जरी विभाग ने एक लावारिस मरीज को नया जीवन दिया है। गंभीर रूप से घायल और बेहोश अवस्था में ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराए गए इस मरीज का डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक इलाज किया। इलाज के दौरान जब मरीज को होश आया, तो उसने अपना नाम हाम्बाई सोरेन बताया और अपने परिवार के सदस्यों के नाम भी बताए।
लापता युवक की पहचान और पुनर्मिलन
पूछताछ में मरीज ने झारखंड के बर्डी कानपुर गांव का रहने वाला बताया। इसके बाद केजीएमयू प्रशासन ने स्थानीय पुलिस की मदद से उसके गांव और परिवार का पता लगाया। परिजनों ने बताया कि हाम्बाई सोरेन करीब आठ साल पहले, तब 12 साल की उम्र में घर से लापता हो गया था। तब से वे उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला था।
डॉक्टरों के प्रयास का नतीजा
केजीएमयू के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के अथक प्रयासों से बिछड़े हुए परिवार का पुनर्मिलन संभव हो सका। मरीज के परिजनों को केजीएमयू बुलाया गया और शनिवार को मरीज को उनके सुपुर्द कर दिया गया। इस नेक काम में न्यूरो सर्जरी विभाग की सिस्टर इंचार्ज रजनी सिंह और उनकी टीम के साथ-साथ टेक्नीशियन अतुल उपाध्याय ने भी अहम भूमिका निभाई। अतुल उपाध्याय ने बताया कि अब तक न्यूरो सर्जरी विभाग 200 से अधिक लावारिस मरीजों को उनके घर पहुंचाने में मदद कर चुका है। इस घटना ने एक बार फिर चिकित्सा समुदाय की मानवता और सेवा भावना को उजागर किया है।
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लखनऊ: KGMU डॉक्टरों ने लावारिस मरीज का इलाज कर 8 साल बाद परिवार से मिलाया, KGMU news
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