लखनऊ: वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 2380 करोड़ की वित्तीय स्वीकृतियां, बजट लैप्स का खतरा
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन लखनऊ में कलेक्ट्रेट और जवाहर भवन कोषागार में विभागों के अधिकारियों ने देर रात तक जद्दोजहद करते हुए करीब 2380 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृतियां प्राप्त कीं। इस प्रक्रिया में सेतु निगम, उच्च शिक्षा, और स्टाम्प एवं निबंधन जैसे विभाग सबसे लेटलतीफ रहे। कई विभागों के अधिकारी अंतिम समय में अपनी मजबूरियां गिनाते हुए मुख्य कोषाधिकारी के कक्ष तक पहुंचे।
वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर बजट को लैप्स होने से बचाने के लिए विभागों में बिल पास कराने की होड़ लग जाती है। इस बार भी अंतिम समय में भीड़ और तकनीकी लोड के बावजूद, ट्रेजरी में कर्मचारी देर रात तक डटे रहे। हालांकि, विभिन्न विभागों द्वारा आवंटित बजट का केवल 70 फीसदी ही पास कराया जा सका।
इस भुगतान में देरी का सीधा असर संबंधित ठेकेदारों, विक्रेताओं और कर्मचारियों पर पड़ेगा। उनका भुगतान अगले वित्तीय वर्ष में नए बजट आवंटन के बाद ही संभव हो पाएगा, जिससे विकास कार्यों पर भी असर पड़ सकता है।
