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लातेहार अस्पताल भवन निर्माण में देरी: सात साल बाद भी अधूरी योजना, लागत बढ़ी

By Nov 17, 2025

झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए स्वीकृत निर्माण परियोजनाओं में लापरवाही और देरी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला लातेहार जिले के मनिका में बन रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन का है, जो सात वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भी अधूरा है। इस देरी के चलते परियोजना की लागत में 19.47 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई है।

राज्य सरकार ने दो नवंबर 2018 को मनिका में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की थी। इस योजना को वर्ष 2020 तक पूरा किया जाना था, लेकिन सात साल बीत जाने के बावजूद यह परियोजना अधूरी पड़ी है। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, इस योजना की प्रशासनिक स्वीकृति 10 करोड़ 89 लाख 37 हजार रुपये थी।

जब इस देरी और अधूरी स्थिति के बारे में झारखंड भवन निर्माण निगम से जानकारी मांगी गई, तो निगम की ओर से बताया गया कि संबंधित ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य में सुस्ती बरती गई, जिसके कारण योजना समय पर पूरी नहीं हो सकी। इस लापरवाही के चलते ठेकेदार को काली सूची में डाल दिया गया है।

हालांकि, परियोजना की निगरानी की जिम्मेदारी निभाने वाले अभियंताओं और अधिकारियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जो एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। इस सुस्ती और लापरवाही का खामियाजा अंततः जनता को भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि अस्पताल भवन के पूरा न होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

अधूरी पड़ी इस परियोजना को पूरा करने के लिए नौ करोड़ 88 लाख 51 हजार रुपये का नया प्राक्कलन तैयार किया गया है। पूर्व में किए गए भुगतान और वर्तमान प्राक्कलन को मिलाकर, इस योजना की कुल लागत बढ़कर 13 करोड़ एक लाख 59 हजार रुपये हो गई है। इस प्रकार, मूल लागत से दो करोड़ 12 लाख 12 हजार रुपये की अतिरिक्त वृद्धि हुई है, जो कुल लागत का 19.47 प्रतिशत है।

अब इस महत्वपूर्ण परियोजना को पूरा करने की जिम्मेदारी एक नए ठेकेदार को सौंपी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने भवन निर्माण विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए प्राक्कलन के आधार पर दो करोड़ 12 लाख 12 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि को स्वीकृति दे दी है। इस राशि की निकासी रांची सिविल सर्जन द्वारा की जाएगी और इसे झारखंड भवन निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक को हस्तांतरित किया जाएगा। निगम ही इस योजना को पूरा कराने का कार्य करेगा।

यह मामला सरकारी परियोजनाओं के कार्यान्वयन में पारदर्शिता और समयबद्धता की आवश्यकता को रेखांकित करता है। उम्मीद है कि नए ठेकेदार के माध्यम से यह अस्पताल भवन जल्द पूरा होगा और स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

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