लातेहार: कोल ब्लास्टिंग से दलित का घर टूटा, महिला घायल, काम रुका
लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड के सेरेंगदाग गांव में कोल ब्लास्टिंग के कारण एक दलित परिवार का घर ढह गया, जिसमें एक महिला घायल हो गई। इस घटना के विरोध में ग्रामीणों ने तेतरियाखांड कोलियरी में कोयला उत्खनन का कार्य रोक दिया है।nnसूत्रों के अनुसार, बालूमाथ प्रखंड क्षेत्र में सीसीएल द्वारा संचालित तेतरियाखांड कोलियरी में कोयला निकालने के लिए की गई हैवी ब्लास्टिंग से प्रकाश राम के खपरैल मकान की छत गिर गई। इस दौरान घर में मौजूद उनकी मां पार्वती देवी मलबे की चपेट में आकर घायल हो गईं। ग्रामीणों का कहना है कि कोलियरी खदान से मात्र 400 मीटर की दूरी पर लगभग 20-25 दलित परिवार निवास करते हैं, और उनके घरों को अब तक विस्थापित नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके कारण आए दिन इस तरह की दुर्घटनाएं होती रहती हैं। कुछ माह पूर्व भी इसी तरह ब्लास्टिंग के कारण राजेश राम का घर क्षतिग्रस्त हुआ था।nnग्रामीणों ने कोलियरी प्रबंधन के खिलाफ रोष जताते हुए तेतरियाखांड कोलियरी का ट्रांसपोर्टिंग रोड बाधित कर दिया, जिससे कोयला लोडिंग और अनलोडिंग का कार्य पूरी तरह ठप हो गया। इस दौरान ग्रामीणों ने परियोजना पदाधिकारी (पीओ) और महाप्रबंधक (जीएम) के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए।nnग्रामीणों का कहना है कि पहले भी उन्हें विस्थापित करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ। सोमवार शाम 4 बजे से शुरू हुआ जाम मंगलवार शाम तक जारी था, लेकिन प्रशासन और प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने बताया कि उनके घरों का अधिग्रहण सीसीएल द्वारा किया गया है और उन्होंने जमीन के सभी कागजात जमा कर दिए हैं, बावजूद इसके उन्हें कहीं और नहीं बसाया गया है।nnवहीं, इस संबंध में परियोजना पदाधिकारी जेपी रावत ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि घरों की दूरी तय मानक 300 मीटर से अधिक है और सोमवार को कोई ब्लास्टिंग का कार्य नहीं किया गया था। इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।”
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