Khair news: समाधान दिवस में पूर्व विधायक और चेयरमैन आमने-सामने, एक-दूसरे पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
खैर नगर पालिका में पूर्व विधायक प्रमोद गौड़ और चेयरमैन संजय शर्मा के बीच चल रहा विवाद शनिवार को तहसील में आयोजित समाधान दिवस में खुलकर सामने आ गया। कमिश्नर और जिलाधिकारी की मौजूदगी में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराईं। पूर्व विधायक ने नगर पालिका पर अवैध निर्माण और सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का आरोप लगाया, जिसके जवाब में चेयरमैन ने भी पूर्व विधायक के खिलाफ सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जे की शिकायत की।
पूर्व विधायक प्रमोद गौड़ ने समाधान दिवस में शिकायत करते हुए कहा कि खैर नगर पालिका द्वारा विद्युत विभाग की अनुमति के बिना खैर टाउन बिजलीघर के बाहर वेंडिंग जोन बनाया जा रहा है। साथ ही कलेक्टर गंज में वर्षों पुरानी पानी की टंकी को तुड़वाकर नजूल की भूमि पर नियमों के विरुद्ध दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह निर्माण कार्य पूरी तरह से अवैध है।
शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने ईओ खैर को निर्माण कार्य तत्काल रुकवाने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसीलदार खैर को मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया। इस बीच, नगर पालिका चेयरमैन संजय शर्मा भी समाधान दिवस में पहुंचे और उन्होंने पूर्व विधायक के आरोपों का जवाब दिया। चेयरमैन ने संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए दावा किया कि वेंडिंग जोन का निर्माण विभागीय एनओसी और कमिश्नर के आदेश के तहत कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कलेक्टर गंज की भूमि करीब 25 वर्ष पूर्व तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा फ्री होल्ड योजना के तहत नगर पालिका के नाम दर्ज की गई थी, जिस पर नियमानुसार दुकानों का निर्माण हो रहा है।
चेयरमैन ने भी खोली शिकायतों की फाइल
पूर्व विधायक द्वारा शिकायत किए जाने के बाद चेयरमैन संजय शर्मा ने भी कई मामलों को अधिकारियों के सामने उठाया। चेयरमैन ने आरोप लगाया कि खैर इंटर कॉलेज द्वारा राज्य सरकार की संपत्ति/पोखर की भूमि पर नियमों के विरुद्ध बनी करीब 42 दुकानों से वर्षों से किराया वसूला जा रहा है, जबकि यह संपत्ति सरकारी अभिलेखों में राज्य सरकार के नाम दर्ज है। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि ब्लॉक मुख्यालय के मुख्य द्वार का निर्माण बिना लोक निर्माण विभाग की अनुमति के सरकारी धन से कराया गया, जिस पर केवल पूर्व विधायक प्रमोद गौड़ और उनके परिवार के सदस्यों के नाम अंकित हैं। चेयरमैन ने कहा कि यह शासकीय नियमों के विरुद्ध है। जिलाधिकारी ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर जांच कराने का आश्वासन दिया है।
