करोड़ों का अस्पताल मकान बताकर दान, 20 लाख की स्टांप चोरी का खुलासा
मेरठ के शास्त्रीनगर में करोड़ों रुपये की संपत्ति के हस्तांतरण में बड़े पैमाने पर स्टांप शुल्क की चोरी का मामला सामने आया है। हापुड़ रोड स्थित एल ब्लॉक शास्त्रीनगर के प्रतिष्ठित जगदंबा अस्पताल के तीन मंजिला भवन को, जिसका मूल्य 1.70 करोड़ रुपये आंका गया है, दो भाइयों योगेंद्र कुमार और अशोक कुमार ने अपने तीसरे भाई रविंद्र कुमार को उपहार स्वरूप दे दिया।nnइस हस्तांतरण को गिफ्ट डीड के माध्यम से अंजाम दिया गया, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि करोड़ों के व्यावसायिक भवन को एक सामान्य मकान बताकर इसका पंजीकरण कराया गया। इस धोखाधड़ी के चलते मात्र 5,000 रुपये का मामूली स्टांप शुल्क अदा किया गया, जबकि नियमानुसार लाखों रुपये का शुल्क लगना चाहिए था।nnमामले की गंभीरता तब बढ़ी जब इस पंजीकरण को उप निबंधक प्रथम के अधिकार क्षेत्र में न कराकर उप निबंधक द्वितीय के कार्यालय में कराया गया। उप निबंधक प्रथम ने जब मौके का निरीक्षण किया, तो पाया कि वहां कोई सामान्य मकान नहीं, बल्कि एक तीन मंजिला अस्पताल संचालित हो रहा है। निरीक्षण रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि अस्पताल के गेट पर उपहार पाने वाले रविंद्र कुमार की तस्वीरें लगे बोर्ड भी लगे थे।nnजांच में पता चला कि इस व्यावसायिक संपत्ति को आवासीय दर्शाकर नियम विरुद्ध तरीके से पंजीकरण कराया गया, जिससे लगभग 20.65 लाख रुपये के स्टांप और निबंधन शुल्क की चोरी हुई। उप निबंधक के अनुसार, स्टांप शुल्क में छूट केवल आवासीय और कृषि संपत्ति के उपहार पत्रों पर ही लागू होती है।nnइस खुलासे के बाद, उप निबंधक की रिपोर्ट पर सहायक महानिरीक्षक (एआइजी) निबंधन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। रविंद्र कुमार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है और इस मामले में 20.65 लाख रुपये का स्टांप वाद भी दायर किया गया है।nnहालांकि, उपहार पाने वाले रविंद्र कुमार का दावा है कि उन्होंने नियमानुसार पंजीकरण कराया है और व्यावसायिक संपत्तियों के उपहार पत्र पर भी स्टांप शुल्क में छूट का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि नोटिस का जवाब दे दिया गया है और यदि स्टांप की कोई कमी मिलती है तो वे उसे जमा करा देंगे।nnएआइजी निबंधन नवीन कुमार एस. शर्मा ने बताया कि दो वर्ष पूर्व सरकार ने छह महीने के लिए व्यावसायिक संपत्तियों के उपहार पत्र पर स्टांप छूट दी थी, जो अब केवल आवासीय और कृषि संपत्ति पर लागू है। उन्होंने कहा कि इस मामले में अस्पताल भवन को आवासीय दिखाकर और किसी अन्य मकान की तस्वीर लगाकर धोखाधड़ी का प्रयास किया गया है।”
गया है। इस मामले में स्टांप वाद दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
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