कोयलांचल में कड़ाके की ठंड, प्रशासन की सुस्ती से बढ़ी आमजन की मुश्किलें
झारखंड में सर्दी ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। धनबाद, बोकारो, गिरिडीह और जामताड़ा जैसे कोयलांचल क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी नीचे गिर गया है, जो अब 13 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। लगातार बढ़ रही ठंड और शीतलहर ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दिन हो या रात, तेज हवाओं के कारण सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
ठंड के बढ़ते प्रकोप के बावजूद, स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। यह स्थिति विशेष रूप से फुटपाथों पर रहने वाले गरीब और बेसहारा लोगों के लिए अत्यंत चिंताजनक है, जो कड़ाके की ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं। सूत्रों के अनुसार, गिरिडीह के धनवार प्रखंड में नवंबर के अंत होते ही शीतलहर तेज हो गई है, जिससे सुबह और शाम के समय बाजारों, चौराहों और ग्रामीण इलाकों में लोगों की आवाजाही काफी कम हो गई है।
ठंड से बचने के लिए मजदूर, दुकानदार, स्कूल जाने वाले बच्चे और दैनिक यात्रियों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है, लेकिन यह नाकाफी साबित हो रहा है। ठंड के कारण बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और मुख्य सड़कों पर भी लोगों की भीड़ सामान्य से काफी कम देखी जा रही है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सार्वजनिक स्थलों पर तत्काल अलाव की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस कड़ाके की ठंड में गरीब और जरूरतमंद लोगों को राहत पहुंचाने के लिए अलाव और गर्म कपड़ों जैसी बुनियादी सुविधाओं का मुहैया होना बेहद आवश्यक है। शीतलहर की बढ़ती तीव्रता को देखते हुए सरकारी स्तर पर तत्काल कदम उठाने की जरूरत है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
