Indian Navy के जंगी जहाजों में लगेगी कानपुर की SRGM तोप, एक मिनट में दागती है 120 गोले
रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना के सभी जंगी जहाजों पर सुपर रैपिड गन माउंट (SRGM) तोप प्रणाली लगाने का निर्देश दिया है। यह फैसला देश की रक्षा तैयारियों को मजबूत करने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है। इस तोप की बैरल अब कानपुर की फील्ड गन फैक्ट्री (FGK) में तैयार की जा रही है। यह कदम ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन के तहत रक्षा उपकरणों के स्वदेशीकरण की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।
SRGM तोप की सबसे बड़ी खासियत इसकी तेज मारक क्षमता है। यह प्रणाली एक मिनट में 120 गोले दाग सकती है और दुश्मन के किसी भी मिसाइल, ड्रोन या लड़ाकू विमान को 6-7 किलोमीटर की दूरी पर ही हवा में नष्ट करने में सक्षम है। इसकी अधिकतम मारक क्षमता 16 किलोमीटर तक है।
कानपुर की फील्ड गन फैक्ट्री ने हाल ही में इंडियन नेवी को SRGM की तीन 76 एमएम बैरलें सौंपी हैं। फैक्ट्री को नौसेना से एक बड़ा ऑर्डर मिला है, जिसके तहत बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा रहा है। इससे पहले भारत इस महत्वपूर्ण रक्षा उपकरण के लिए इटली पर निर्भर था। फैक्ट्री के महाप्रबंधक एहतेशाम अख्तर ने बताया कि स्वदेशीकरण के बाद अब देश की नौसेना की जरूरतें पूरी की जा रही हैं।
इस स्वदेशी SRGM तोप का सफल परीक्षण केरल के कोच्चि में समुद्री तट पर किया गया था। परीक्षण के नतीजों से संतुष्ट होकर ही रक्षा मंत्रालय ने इसे सभी युद्धपोतों पर स्थापित करने का निर्णय लिया। यह प्रणाली खारे पानी में जंग से सुरक्षित रहने के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई है, जिससे इसकी दीर्घायु सुनिश्चित होती है।
