कानपुर के रेलबाजार इलाके में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सिलाई कारखाने के मालिक ने अपने ही कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित जमील अहमद का कहना है कि...
कानपुर के रेलबाजार इलाके में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सिलाई कारखाने के मालिक ने अपने ही कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित जमील अहमद का कहना है कि उनके कारखाने में काम करने वाले मोहम्मद नफीस ने न केवल कारखाने पर कब्जा कर लिया, बल्कि परिवार के साथ मिलकर उन्हें धमकाया और एक लाख रुपये की रंगदारी भी वसूल ली।
जानकारी के अनुसार, जमील अहमद ने कुछ साल पहले सुजातगंज में यह सिलाई कारखाना खोला था, जिसे उनका बेटा मोहम्मद कफील चलाता था। जनवरी 2025 में बेटे के सऊदी अरब चले जाने के बाद, बुजुर्ग और बीमार जमील अहमद ने कारखाना चलाने में मदद के लिए कर्मचारी नफीस से बात की। नफीस ने हिसाब देने की शर्त पर कारखाना चलाने की सहमति दी, लेकिन कुछ समय बाद वह अपने परिवार के साथ कारखाने में रहने लगा और हिसाब देना बंद कर दिया।
जब अगस्त 2025 में जमील अहमद ने कारखाने जाकर हिसाब मांगा, तो नफीस ने टालमटोल शुरू कर दी। दबाव बनाने पर नफीस ने अपने परिवार के साथ मिलकर उन्हें धमकाया, कारखाने पर कब्जा कर लिया और जान से मारने की धमकी देकर एक लाख रुपये वसूल लिए। पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद से नफीस लगातार सात लाख रुपये की रंगदारी मांग रहा है।
परेशान होकर जमील अहमद ने एसीपी कैंट आकांक्षा पांडेय से शिकायत की। एसीपी के आदेश पर रेलबाजार थाने में आरोपी मोहम्मद नफीस और उसके परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। थाना प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने स्थानीय व्यापारियों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है।