कानपुर: फर्जी जज बनकर ठगी करने वाले वकील विष्णु शंकर और पत्नी पर चलेगा गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा, न्यायिक रिमांड पर UP crime news
उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक वकील और उसकी पत्नी पर गंभीर धोखाधड़ी के मामलों में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। फर्जी जज बनकर महिलाओं को शादी के झांसे में फंसाकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले वकील विष्णु शंकर गुप्ता और उसकी पत्नी आयुषी को कर्नलगंज पुलिस ने शुक्रवार को न्यायिक रिमांड पर लिया है। यह घटनाक्रम राज्य में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस की सख्ती को दर्शाता है, खासकर ऐसे मामलों में जहां पेशेवर लोग अपनी स्थिति का दुरुपयोग करते हैं।
विष्णु शंकर गुप्ता पर कानपुर के कर्नलगंज, नवाबगंज, कोतवाली, ग्वालटोली और फजलगंज समेत लखनऊ के हजरतगंज में भी कई मुकदमे दर्ज हैं। उसे बार एसोसिएशन द्वारा डिबार भी किया जा चुका है। नवाबगंज निवासी विष्णु शंकर गुप्ता ने लखनऊ की एक नर्सिंग अफसर युवती को मैट्रिमोनियल साइट पर खुद को ‘जज अंशुमन विक्रम सिंह’ बताकर शादी का प्रस्ताव दिया था। उसने खुद को वाराणसी का निवासी और सीतापुर में सिविल जज के रूप में तैनात बताया था।
युवती के पिता से संपर्क साधने के बाद, उसने युवती से भी बातचीत शुरू की और 4 अगस्त 2025 को उसके बैंक खाते से 14 लाख रुपये निकलवा लिए। इसके बाद, उसने युवती के लखनऊ स्थित घर पर सीमांत अग्रवाल नाम के एक व्यक्ति को भेजकर चार अलग-अलग बैंकों से कुल 44.54 लाख रुपये का लोन भी करवा लिया। 7 सितंबर 2025 को यह पूरी रकम लेकर उसने युवती को कानपुर के रेवथ्री बुलाया और पैसे लेकर फरार हो गया। इस मामले में ग्वालटोली पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस की जांच में लखनऊ से एक और युवती सामने आई, जिसे विष्णु ने शादी का झांसा देकर 35 लाख रुपये ठगे थे। इसके अलावा, उस पर कोर्ट से फाइल चुराने और फर्जी दस्तावेज बनाने के भी मुकदमे दर्ज हैं। कर्नलगंज थाना प्रभारी ने बताया कि विष्णु और उसकी पत्नी आयुषी के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी, जिसके तहत विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट से दोनों का न्यायिक रिमांड लिया गया है। कुल मिलाकर, विष्णु पर सात गंभीर मामले दर्ज हैं।
