जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही का असर एक बार फिर कानपुर जिले की रैंकिंग पर दिखा है। आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल की मार्च माह की रैंकिंग में कानपुर चार पायदान नीचे खिसककर 64वें स्थान पर पहुंच...
जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही का असर एक बार फिर कानपुर जिले की रैंकिंग पर दिखा है। आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल की मार्च माह की रैंकिंग में कानपुर चार पायदान नीचे खिसककर 64वें स्थान पर पहुंच गया है। फरवरी में सुधार के बाद जिला 60वें स्थान तक पहुंच गया था, लेकिन मार्च के आंकड़े बताते हैं कि अधिकारियों की कार्रवाई और नोटिस के बावजूद शिकायतों के निस्तारण का फीडबैक संतोषजनक नहीं रहा। जिले को कुल 140 अंकों में से सिर्फ 118 अंक ही मिल सके, जिससे रैंकिंग प्रभावित हुई।
मार्च माह में आईजीआरएस पोर्टल पर जिले से कुल 13,437 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर से 3816 शिकायतों पर फीडबैक लिया गया, जिसमें 2359 शिकायतकर्ताओं ने निस्तारण को संतोषजनक बताया, जबकि 1457 शिकायतकर्ता असंतुष्ट मिले। 140 शिकायतें समय सीमा में निस्तारित न होने पर डिफॉल्टर श्रेणी में चली गईं। हर तीसरी शिकायत पर असंतोष मिलना रैंकिंग गिरने की बड़ी वजह रहा। खराब रैंकिंग को लेकर जिलाधिकारी लगातार विभागीय अधिकारियों को नोटिस जारी कर रहे थे, जिसका असर फरवरी में दिखा था, लेकिन मार्च में यह सुधार टिक नहीं पाया।
तहसीलों की रैंकिंग
रैंकिंग में घाटमपुर तहसील अब सौ के अंदर आ गई है और जिले में अव्वल है, जिसे 59वीं रैंक और 97 प्रतिशत अंक मिले। बिल्हौर को 232वीं रैंक और 82 प्रतिशत अंक, तहसील सदर को 259वीं रैंक और 78 अंक, तथा नर्वल को 285वीं रैंक और 74 प्रतिशत अंक मिले।
अफसरों की लापरवाही का असर
आईजीआरएस की रैंक को लेकर प्रशासन के आलाधिकारी संबंधित विभागों पर कड़ा एक्शन नहीं ले पा रहे हैं, जिसके चलते निगेटिव फीडबैक और केवल कागजों पर शिकायतों का निस्तारण हो रहा है। कई अफसर नोटिस का जवाब तक नहीं दे रहे और नीचे स्तर पर की जा रही कार्रवाई केवल खानापूर्ति साबित हो रही है।
कमिश्नरेट लगातार नंबर वन
आईजीआरएस रैंकिंग में कानपुर कमिश्नरेट लगातार दूसरे माह भी नंबर वन पर बना हुआ है। शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में कमिश्नरेट को पहला स्थान मिला है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने सभी थानेदार, एसीपी, एडीसीपी और डीसीपी को बधाई दी है और भविष्य में भी नंबर एक पर बने रहने के निर्देश दिए हैं। स्टाफ ऑफीसर अमरनाथ यादव ने बताया कि जन शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्तापूर्ण तरीके से और समय पर निस्तारण किया गया है, जिससे शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि का फीडबैक 94.09 प्रतिशत रहा।