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किसानों के विरोध के आगे झुकी सरकार, सिंहस्थ लैंड पूलिंग योजना रद्द

By Nov 17, 2025

किसानों के कड़े विरोध और आंदोलनात्मक तेवर के बीच मध्य प्रदेश सरकार ने सिंहस्थ (कुंभ) के लिए प्रस्तावित लैंड पूलिंग एक्ट को वापस लेने का महत्वपूर्ण फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल में भारतीय किसान संघ, भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और स्थानीय जन प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक के बाद इस घोषणा से किसानों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस एक्ट को निरस्त किया जाता है।nnइस निर्णय का सीधा अर्थ यह है कि भविष्य में सिंहस्थ के लिए भूमि अधिग्रहण पूर्व की तरह अस्थायी व्यवस्था के तहत ही किया जाएगा। सरकार की मंशा थी कि उज्जैन सिंहस्थ 2028 में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्थायी निर्माण किए जाएं, जिसके लिए किसानों की निजी भूमि को लैंड पूलिंग के माध्यम से अधिगृहीत करने का प्रस्ताव था। इस योजना के तहत किसानों को उनकी भूमि के बदले उसी क्षेत्र में निर्मित स्थायी ढांचा और शेष भूमि का बाजार मूल्य देने का प्रावधान था।nnहालांकि, भारतीय किसान संघ और अन्य स्थानीय संगठनों ने इस योजना का पुरजोर विरोध किया था। उनका तर्क था कि लैंड पूलिंग के माध्यम से स्थायी निर्माण के लिए भूमि लेने से किसानों की आजीविका के साधन समाप्त हो जाएंगे, खासकर तब जब उनकी जमीनें वर्षों से सिंहस्थ के लिए उपयोग होती आ रही हैं। किसान संघ इस बात पर अड़ा था कि लैंड पूलिंग एक्ट को पूरी तरह से निरस्त किया जाए और भूमि अधिग्रहण पहले की तरह अस्थायी आधार पर ही हो, जिसमें किसानों को उचित मुआवजा मिले।nnकिसानों के इस विरोध को देखते हुए, और मंगलवार से प्रस्तावित ‘डेरा डालो’ आंदोलन की चेतावनी के बाद, मामला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचा। बैठकों के दौर चले, जिसमें सरकार की ओर से योजना की आवश्यकता बताई गई, वहीं किसानों ने अन्य कुंभ मेलों का उदाहरण देकर लैंड पूलिंग के बिना भी व्यवस्था बनाए जाने की बात रखी। भूमि अधिग्रहण को लेकर निर्णय में देरी से सिंहस्थ से संबंधित विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे थे।nnइन सभी पहलुओं पर विचार करते हुए, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली से लौटने के बाद सोमवार को किसान संघ, भाजपा पदाधिकारियों, उज्जैन के जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के साथ एक विस्तृत बैठक की। इस बैठक में सिंहस्थ आयोजन को दिव्य, भव्य और विश्वस्तरीय बनाने पर सहमति बनी, साथ ही साधु-संतों और किसानों के हितों का भी विशेष ध्यान रखने का आश्वासन दिया गया।nnबैठक के उपरांत सिंहस्थ लैंड पूलिंग को निरस्त करने का निर्णय लिया गया और मुख्यमंत्री ने नगरीय प्रशासन विकास विभाग तथा जिला प्रशासन को तत्काल इसके आदेश जारी करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार का भ्रम शेष न रहे। इस निर्णय का किसान संघ ने हृदय से स्वागत किया और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उज्जैन सिंहस्थ क्षेत्र में लगभग 2,800 हेक्टेयर भूमि है, जिसमें शासकीय और निजी दोनों तरह की जमीनें शामिल हैं।”
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