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झारखंड-ओडिशा के 3 कोयला ब्लॉक नीलाम, 66 हजार नौकरियां और औद्योगिक विकास की उम्मीद

By Nov 28, 2025

ओडिशा और झारखंड, भारत के प्रमुख कोयला उत्पादक राज्यों में शुमार हैं, और अब इन क्षेत्रों में कोयला उत्पादन को नई दिशा मिलने जा रही है। कोयला मंत्रालय ने हाल ही में तीन महत्वपूर्ण कोयला ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया संपन्न की है। इन ब्लॉकों में झारखंड के पिरपैंती बाराहाट और धुलिया नॉर्थ, तथा ओडिशा का मन्दाकिनी-बी ब्लॉक शामिल हैं। इन तीनों ब्लॉकों में कुल मिलाकर 3,306.58 मिलियन टन से अधिक कोयले का विशाल भंडार मौजूद है।

मंत्रालय के अनुमानों के अनुसार, इन कोयला ब्लॉकों के चालू होने से दोनों राज्यों में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी। विशेष रूप से, बिजली और इस्पात जैसे प्रमुख उद्योगों को निर्बाध और स्थिर कोयला आपूर्ति का लाभ मिलेगा, जो उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। इस नीलामी प्रक्रिया से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 66,248 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि खनन कार्य से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों जैसे ठेका, परिवहन, मशीनरी आपूर्ति और अन्य स्थानीय सेवाओं में बड़े पैमाने पर नई नौकरियां सृजित होंगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को संबल मिलेगा।

ओडिशा का अनुगुल जिला, जहां मन्दाकिनी-बी ब्लॉक स्थित है, पहले से ही एक महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र है। इस ब्लॉक के संचालन से इस क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में और सुधार होने की उम्मीद है। वहीं, झारखंड के पिरपैंती बाराहाट और धुलिया नॉर्थ ब्लॉकों के आसपास के जिलों में भी निवेश बढ़ने और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 के बाद से, सरकार ने कोयला ब्लॉकों को व्यावसायिक खनन के लिए खोला है। इस नई नीति के तहत, कंपनियाँ न केवल अपने स्वयं के उपयोग के लिए कोयला निकाल सकती हैं, बल्कि बाजार में इसे बेच भी सकती हैं। इस परिवर्तनकारी दृष्टिकोण से कोयला उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी और आयात पर देश की निर्भरता को कम करने में मदद मिलेगी, जो ऊर्जा सुरक्षा की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कदम है।

सूत्रों के अनुसार, दोनों राज्यों में जिला प्रशासन ने खनन कार्य शुरू होने से पूर्व आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इन तैयारियों में पर्यावरणीय स्वीकृतियाँ प्राप्त करना, सड़क संपर्क मार्ग सुदृढ़ करना और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है, ताकि खनन कार्य सुचारू और सुरक्षित ढंग से संपादित हो सके।

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