झारखंड में राशन वितरण में पारदर्शिता, डीलरों को मिली 4जी ई-पोश मशीनें
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत राशन वितरण प्रणाली में सुधार लाने की दिशा में रांची जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंगलवार को समाहरणालय सभागार में रांची शहरी क्षेत्र के दस राशन डीलरों को उन्नत 4जी ई-पोश मशीनें वितरित की गईं। इस पहल का उद्देश्य अंतिम छोर तक बैठे लाभुकों को शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ अनाज उपलब्ध कराना है।
उपायुक्त के अनुसार, ये नई 4जी ई-पोश मशीनें आधार प्रमाणीकरण, रियल-टाइम ट्रांजेक्शन और स्टॉक मॉनिटरिंग जैसी उन्नत सुविधाओं से युक्त हैं। इन तकनीकों के प्रयोग से राशन वितरण में फर्जीवाड़ा, अनियमितता और अनाज चोरी की संभावनाओं को काफी हद तक समाप्त किया जा सकेगा। आने वाले समय में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के सभी राशन डीलरों को भी ऐसी ही आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराने की योजना है।
नई 4जी ई-पोश मशीनों की एक बड़ी खासियत यह है कि ये नेटवर्क संबंधी बाधाओं को दूर करेंगी। मशीनें ऑफलाइन मोड में भी कार्य कर सकेंगी, जिसका अर्थ है कि कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों में भी लाभुकों को राशन वितरण में कोई रुकावट नहीं आएगी। प्रत्येक मशीन में बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) प्रमाणीकरण की सुविधा भी शामिल है, जो प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाती है।
लेन-देन का रियल-टाइम डेटा सीधे पोर्टल पर अपलोड होगा, जिससे जिला प्रशासन को वितरण प्रक्रिया की निरंतर निगरानी करने में बड़ी सहूलियत मिलेगी। उपायुक्त ने सभी राशन डीलरों से इन नई मशीनों का अनिवार्य रूप से उपयोग करने और लाभुकों को समय पर, निर्धारित मात्रा में गुणवत्तायुक्त अनाज उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी तकनीकी समस्या की स्थिति में डीलर तत्काल जिला आपूर्ति कार्यालय से संपर्क करें।
पहले उपयोग में आने वाली ई-पोश मशीनों में नेटवर्क की दिक्कतें आम थीं, जिसके कारण लाभुकों को राशन प्राप्त करने में अक्सर परेशानी का सामना करना पड़ता था। नई 4जी ई-पोश मशीनों के आने से इस समस्या का समाधान होगा और राशन वितरण प्रणाली पहले से कहीं अधिक तेज, पारदर्शी और सुचारू हो सकेगी।
