झारखंड हाई कोर्ट का कड़ा रुख: जमशेदपुर में अवैध निर्माण पर जेएनएसी को फटकार
जमशेदपुर में पार्किंग और अवैध निर्माण से जुड़े एक मामले में झारखंड उच्च न्यायालय ने जेएनएसी के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। राकेश झा बनाम झारखंड सरकार मामले की सुनवाई करते हुए, मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीश राजेश शंकर की पीठ ने जेएनएसी द्वारा बार-बार अधूरी जानकारी देने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।
अदालत ने जेएनएसी के डिप्टी कमिश्नर कृष्ण कुमार को गुरुवार को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्यों न उनके खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाए। सूत्रों के अनुसार, अदालत ने पाया कि जेएनएसी ने 17 सितंबर के स्पष्ट निर्देशों का पालन नहीं किया, जिसमें पार्किंग पर कब्जा करने वालों और अवैध निर्माण करने वाले बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी मांगी गई थी।
अदालत ने जेएनएसी को एक विस्तृत हलफनामा दायर करने का आदेश दिया था, जिसमें पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किए गए और नहीं जारी किए गए भवनों की सूची भी शामिल करने को कहा गया था। अदालत ने विशेष रूप से उन भवनों की जानकारी मांगी थी, जिन्हें बिना पूर्णता प्रमाण पत्र के बिजली और पानी के कनेक्शन दे दिए गए थे।
बुधवार को जब जेएनएसी ने अपना हलफनामा पेश किया, तो उसमें इन महत्वपूर्ण जानकारियों का कोई उल्लेख नहीं था। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए जेएनएसी के अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की चेतावनी दी। जेएनएसी के विशेष पदाधिकारी ने दलील दी कि वह नए हैं, जिस पर अदालत ने हैरानी जताई।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अखिलेश श्रीवास्तव ने दलील दी कि जेएनएसी 2011 से ही अदालत के साथ धोखाधड़ी कर रही है। उन्होंने बताया कि जेएनएसी पिछले कई वर्षों से अपने हर हलफनामे में केवल 46 भवनों को सील करने की बात दोहरा रही है, जबकि हकीकत में इन भवनों से सील हटाकर और भी अवैध निर्माण कर लिए गए।
अधिवक्ता श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार ने पिछले छह वर्षों में लगभग 650 अवैध बिल्डिंग प्लान स्वीकृत किए और उन सभी को बिना पूर्णता प्रमाण पत्र के बिजली-पानी के कनेक्शन भी दिलवाए।
अदालत के इस रुख से स्पष्ट है कि वह अवैध निर्माण और अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहती है और जेएनएसी को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने के लिए प्रेरित कर रही है। अदालत का यह कदम शहर में अवैध निर्माण और पार्किंग की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आया है।
