ईश्वर के अस्तित्व पर बहस में जावेद अख्तर का विवादित बयान: बोले- ‘PM Modi बेहतर हैं बेहतर’
नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में शनिवार को ‘क्या ईश्वर मौजूद है?’ विषय पर एक अकादमिक संवाद हुआ, जिसमें कवि-गीतकार जावेद अख्तर और इस्लामी विद्वान मुफ्ती शमाइल नदवी ने भाग लिया। इस बहस ने ऑनलाइन मंचों पर तीखी प्रतिक्रियाएं पैदा कीं और विश्वास, तर्क और नैतिकता को लेकर टिप्पणीकारों को विभाजित कर दिया।
करीब दो घंटे तक चली इस बहस में जावेद अख्तर ने अपनी बात को मानवीय पीड़ा और सर्वशक्तिमान ईश्वर की अवधारणा में विरोधाभासों पर केंद्रित किया। उन्होंने गाजा में चल रहे युद्ध का उदाहरण दिया, जहां हजारों फिलिस्तीनी मारे गए हैं, और ईश्वर की सर्वशक्तिमान और दयालु होने की धारणा पर सवाल उठाया।
जावेद अख्तर ने कहा, “अगर आप सर्वशक्तिमान और सर्वव्यापी हैं, तो आपको गाजा में भी मौजूद होना चाहिए, आपने बच्चों को टुकड़ों में फटते हुए देखा होगा, और फिर भी आप चाहते हैं कि मैं आप पर विश्वास करूं?” उन्होंने आगे कहा, “इसकी तुलना में, हमारे प्रधानमंत्री बेहतर हैं, कुछ तो ख्याल करते हैं।”
बहस के दौरान जावेद अख्तर ने बार-बार धर्म के नाम पर होने वाली हिंसा का जिक्र किया। उन्होंने पूछा, “यह सब ईश्वर के विचार पर क्यों रुक जाता है? हमें सभी सवालों को क्यों रोकना चाहिए? और किस तरह का ईश्वर बच्चों को बमों से उड़ाने की अनुमति देता है? यदि वह मौजूद है और इसकी अनुमति देता है, तो बेहतर है कि वह न हो।”
जवाब में, मुफ्ती शमाइल नदवी ने जिम्मेदारी को पूरी तरह से मानवीय एजेंसी पर डाला। उन्होंने तर्क दिया कि निर्माता ने बुराई बनाई है, लेकिन वह बुरा नहीं है। उन्होंने कहा कि हिंसा या बलात्कार जैसे कार्य मानवीय पसंद का परिणाम हैं, न कि दैवीय इरादे का।
